आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी करके 8 हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद ही परिसर में मधुमिता की बहन निधि शुक्ला फूट-फूटकर रोने लगी। दरअसल, गुरुवार रात मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की रिहाई के आदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने जारी किए।

अमरमणि और मधुमणि गोरखपुर की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। दोनों आज जेल से बाहर आएंगे। अमरमणि की रिहाई के आदेश जारी होने से पहले ही मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई पर रोक से इंकार कर दिया।

निधि ने कहा- 20 साल से दौड़ रहे हैं, परेशान न हो तो क्या करें?

कोर्ट परिसर में निधि रोने लगी तो आसपास के लोगों ने उनको दिलासा देने की कोशिश की। इस पर निधि ने रोते हुए कहा,”20 साल से दौड़ रहे हैं। सीबीआई, सीबीसीआईडी, सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट सब कुछ हो गया। आज तक न्याय नहीं मिला। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी। लेकिन सरकार कभी भी अमरमणि को जेल ही नहीं भेज पाई।”

उन्होंने कहा,”आरटीआई से जो मेरे पास कागज थे। दो महीने से सबको भेज रही हूं। चाहे मुख्यमंत्री हो, गवर्नर साहब हो, राष्ट्रपति हो। सबसे कहा कि यह आरटीआई के सरकारी कागज हैं। अमरमणि आपसे झूठ बोलता है। भ्रमित कर रहा है।”

उन्होंने कहा,”कह रहा है कि मेरी सजा माफ कर दी जाए। जब वह जेल ही नहीं गया तो सजा माफी की बात कहां से आ गई? अभी 15 अगस्त को हमने फिर सबको लेटर भेजे। 24 अगस्त की रात में अचानक रिहाई का आदेश आ जाता है कि अमरमणि को रिहा किया जाता है। आपके पास तो सारे कागज हैं। फिर आप झूठ क्यों बोलते हैं। अब हम सुप्रीम कोर्ट चले आए।

अब इन्हीं से उम्मीद है कि कम से कम रिहाई पर रोक लगा दो। मेरे पास जो कागज हैं, वह साबित करते हैं कि अमरमणि का चाल-चलन अच्छा नहीं हैं। मेरी गुजारिश है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए तब तक अमरमणि को रिहा न किया जाए।”

चलिए, पूरे मामले को सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं। सबसे पहले रिहाई का आदेश…

अमरमणि और उनकी पत्नी की समय से पहले रिहाई होगी। रिहाई का शासनादेश उनके अच्छे आचरण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी किया है। दरअसल, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई का आदेश पारित किया। इसमें लिखा है कि उनकी उम्र 66 साल होने, करीब 20 साल तक जेल में रहने और अच्छे आचरण को देखते हुए किसी अन्य वाद में शामिल न हो तो रिहाई कर दी जाए।