आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के सस्पेंड प्रेसिडेंट संजय सिंह का कहना है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पास नहीं, सरकार के पास जाऊंगा। निलंबन के जो कारण बताए हैं उनका लिखा-पढ़ी में जवाब दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो लीगल ओपिनियन भी लूंगा।

निलंबन के बाद भी बनारस में शक्ति प्रदर्शन की क्या जरूरत थी? इस सवाल पर संजय सिंह ने कहा-मैंने किसी को नहीं बुलाया था। एयरपोर्ट से काफिले में लोग अपने आप आते गए। चुनाव जीतने के बाद पहली बार बनारस पहुंचा था। लोग स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचते गए। काफिले में 101 गाड़ियां कब आ गईं पता ही नहीं चला।

संजय सिंह कल यानी मंगलवार को वाराणसी अपने घर पहुंचे। यहां उनका ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया गया। समर्थकों ने “संजय भइया संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। खिलाड़ी एकता जिंदाबाद, अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है” जैसे नारे लगाए। इस दौरान दैनिक भास्कर ने संजय सिंह से बातचीत की। चलिए, आपको पढ़वाते हैं…

सवाल: चुनाव जीतने के बाद निलंबन की कार्रवाई पर क्या कहेंगे?

जवाब : मैं लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीता हूं। 25 राज्यों के लोग चुनाव करने के लिए आए थे। जम्मू-कश्मीर के रिटायर्ड जज से चीफ जस्टिस ने चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराया। UWW के ऑब्जर्वर थे। IOA के ऑब्जर्वर थे। चुनाव कराने के लिए सरकार ही सुप्रीम कोर्ट गई थी।

सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में चुनाव हुआ है। कुल 50 वोट थे, जिसमें से 3 वोट नहीं पड़े। क्योंकि, उनमें से एक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए थे। 2 वोट विदेश में थे। 47 वोट में से 40 वोट हमें मिले। पूरा कोरम पूरा किया गया है। उसके बाद चुनाव जीता हूं।

सवाल : आपने जल्दबाजी में चैंपियनशिप का ऐलान किया। क्या स्ट्रैटजी थी?

जवाब : पहलवानों के लिए हम लोग दिन रात सोचते हैं। एक-एक पहलवान से बात करते हैं कि तुमको क्या दिक्कत है? डाइट की क्या कमी है। टेक्नीक की कमी या कोई क्या दिक्कत हो रही है? पूरे देश के पहलवान हमारी ओर आशा भरी निगाह से देख रहे हैं। हमारा ओलिंपिक ईयर है। हमें ओलिंपिक में बहुत से मेडल लाने हैं।

सवाल : देश में आपको किस खिलाड़ी का सपोर्ट है?

जवाब : पूरे देश के खिलाड़ी हमारे साथ हैं। कहीं विरोध की कोई बात नहीं। जहां हो रहा, वहां के खिलाड़ी राजनीति कर रहे हैं।

सवाल : ओलंपिक एसोसिएशन में किसी से बातचीत हुई या नहीं?

जवाब : ओलिंपिक एसोसिएशन में हमारी किसी से बात नहीं हुई। अभी सरकार से बात करने के बाद ही दूसरे से बात होगी।