आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक पुष्कर सिंह ने रिटायरमेंट से ठीक पहले अपने चहेते कर्मचारियों को उप प्रबंधक बना दिया है। सोनू सिंह मेहरा और डॉ. अनिल कुमार को उपकृत कर रिटायर हुए एमडी के फैसले को नियम विरुद्ध बताते हुए नियुक्तियां निरस्त करने की मांग की जा रही है। एमडी ने इन कर्मचारियों को पात्रता नहीं होने के बाद भी प्रमाणीकरण अधिकारी से सीधे उप प्रबंधक बना दिया, इसके लिए उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति भी नहीं ली और सहकारिता विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई। नियुक्ति के आदेश आनन-फानन में 21 दिसंबर को जारी किए गए। अपर मुख्य सचिव वन विभाग जेएन कंसोटिया तक अब यह मामला पहुंचा है जिस पर उन्होंने जानकारी लेकर जांच कराने की बात कही है।
लघु वनोपज संघ और औषधि प्रसंस्करण केंद्र के सेटअप में काम कर कर रहे कर्मचारी सोनू मेहरा औषधि प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी में कार्यरत हैं। वे प्रबंध संचालक के काफी करीबी रहे हैं। यही कारण है कि मेहरा को लघु वनोपज संघ और औषधि प्रसंस्करण केंद्र (दोनों) के सेटअप में रखा गया। उनको नियमित करने की तैयारी पिछले डेढ़ साल से चल रही थी। कई बार आदेश जारी करने की कोशिश हुई, पर बात बाहर आई तो प्रक्रिया रोक दी गई। इन्हें पात्रता वरिष्ठ वैज्ञानिक की थी। जब सिंह रिटायर हो रहे थे तो उन्होंने आदेश जारी कर दिए।
अन्य संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जिन तीन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति दी गई है, वे अवैध रूप से कार्यरत हैं और शासन के आदेशों को तोड़-मरोड़कर उनकी नियुक्ति का प्रस्ताव अनुमोदित कराया गया है। उन्हें उप प्रबंधक के पद पर रखने या पद परिवर्तन की वन विभाग से प्रशासकीय अनुमति नहीं ली गई है। इनके विरुद्ध जब भी सहकारिता विभाग और वन विभाग में प्रस्ताव लाए गए तो पात्रता न होने से रोका गया लेकिन एमडी ने रिटायरमेंट के पहले उन्हें उप प्रबंधक बना दिया है। नियम विरुद्ध की गई इस नियुक्ति को लेकर अपर मुख्य सचिव वन जेएन कंसोटिया ने जानकारी तलब कर पूरे मामले की जांच कराने को कहा है।