सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल : सुप्रतिष्ठित कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली’, के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित संस्थान वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि-कथाकार संतोष चौबे ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मानों की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस बार नौ अलग-अलग श्रेणियों में रचनाकारों को वनमाली कथा सम्मानों से अलंकृत किया जायेगा। ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा दिनांक 26, 27 एवं 28 फरवरी 2024 को स्कोप ग्लोबल स्किल विश्वविद्यालय भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय ‘वनमाली कथा सम्मान समारोह’ में सभी चयनित रचनाकारों को सम्मानित किया जायेगा। सम्मानित रचनाकार हैं:
‘वनमाली कथाशीर्ष सम्मान’ से सुप्रसिद्ध लेखिका उषा किरण खान (पटना) को एवं ‘वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान’ से वरिष्ठ कथाकार शिवमूर्ति (लखनऊ) को सम्मानित किया जायेगा।
दोनों ही रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया जायेगा।
‘वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार ज्ञान चतुर्वेदी (भोपाल) को, ‘वनमाली युवा कथा सम्मान’ युवा कथाकार आशुतोष (सागर) को, ‘वनमाली कथा आलोचना सम्मान’ आलोचक राकेश बिहारी (प्रयागराज) को, ‘वनमाली कथा पत्रिका सम्मान’ लखनऊ से प्रकाशित चर्चित पत्रिका ‘तद्भव’ को प्रदान किये जायेंगे। ‘वनमाली प्रवासी भारतीय रचनाकार सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार तेजेन्द्र शर्मा (लंदन) को और ‘वनमाली कथेतर सम्मान’ अनिल यादव (दिल्ली) को तथा ‘वनमाली विशिष्ट कथा सम्मान’ सुश्री प्रत्यक्षा (दिल्ली) को प्रदान किया जायेगा। इन सभी सम्मानित रचनाकारों को शॉल-श्रीफल प्रशस्ति पत्र एवं इक्यावन-इक्यावन हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा।
वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार संतोष चौबे ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ द्वारा प्रदान किए जाने वाले ‘वनमाली कथा सम्मान’ समकालीन कथा परिदृश्य में लोकतान्त्रिक एवं मानवीय मूल्यों की तलाश में जुटे कथा साहित्य की पुनःप्रतिष्ठा करने एवं उसे समुचित सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित द्विवार्षिक पुरस्कार है। अब तक वनमाली कथा सम्मान से भारत के सुप्रतिष्ठित रचनाकारों में शुमार ममता कालिया, चित्र मुद्गल, शशांक, स्वयं प्रकाश, अखिलेश, असगर
वजाहत, उदय प्रकाश, मैत्रेयी पुष्पा, प्रभु जोशी, प्रियंवद, गीतांजलि श्री, मनोज रूपड़ा आदि रचनाकारों को अलंकृत किया जा चुका है।