आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद के शीतकालीन सत्र के 13वें दिन (बुधवार) 141 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा। पहले विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और फिर संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब तक सांसदों का निलंबन वापस नहीं होता, विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा।

वहीं, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारे जाने के मामले में सत्ता पक्ष यानी NDA के सांसदों ने अलग तरह से प्रदर्शन किया। संसदीय कार्यों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उपराष्ट्रपति धनखड़ के समर्थन में NDA सांसद राज्यसभा में प्रश्न-उत्तर काल में एक घंटे की कार्यवाही के दौरान खड़े रहे। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

संसद में हंगामा करने के आरोप में अब तक विपक्ष के 141 सांसद सस्पेंड हो चुके हैं। इनमें 107 लोकसभा और 34 राज्यसभा के हैं। इन सांसदों के संसद में दाखिल होने पर रोक लग गई है। मंगलवार (19 दिसंबर) देर रात लोकसभा सचिवालय ने सर्कुलर जारी करके इन सांसदों के पार्लियामेंट चैम्बर, लॉबी और गैलरी में आने पर बैन लगा दिया है।

संसद की कार्यवाही में शामिल होने जाते कांग्रेस सांसद राहुल गांधी। उनके साथ केसी वेणुगोपाल।

संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल रहे।

मंगलवार को सदन से निलंबित सांसदों ने संसद के गेट पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान TMC सांसद कल्याण बनर्जी उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारते दिखे, जबकि राहुल गांधी उनका वीडियो बनाते रहे।

जोशी बोले- विपक्ष ने पीएम, राष्ट्रपति सबका अपमान किया

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उपराष्ट्रपति की मिमिक्री किए जाने की हम कड़ी निंदा करते हैं। विपक्ष सारी हदें पार कर रहा है। वे लोग संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का लगातार अपमान कर रहे हैं। वे पिछले 20 साल से प्रधानमंत्री का इसलिए अपमान कर रहे हैं क्योंकि वे OBC कम्युनिटी से आते हैं और उनकी पृष्ठभूमि बेहद साधारण है।

विपक्ष ने राष्ट्रपति का अपमान किया था क्योंकि वे दलित महिला हैं। पहली बार जाट समुदाय से कोई उपराष्ट्रपति बना है। विपक्ष ने इस पद का भी अपमान किया। हम एकदम साफ कर देना चाहते हैं कि हम उपराष्ट्रपति और संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

लोकसभा के सर्कुलर के मुताबिक क्या-क्या नहीं कर सकेंगे निलंबित सांसद

सांसदों को चैंबर, लॉबी और गैलरी में एंट्री नहीं मिलेगी। वे उन संसदीय समितियों की बैठकों से भी निलंबित रहेंगे, जिसके वे सदस्य हैं। इसके अलावा वे समितियों के चुनावों में वोटिंग भी नहीं कर सकते। उनके नाम पर लिस्ट ऑफ बिजनेस में कोई आइटम नहीं रखा गया है। सस्पेंशन पीरियड में सांसदों का दिया कोई भी नोटिस स्वीकार्य नहीं है।

अगर सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित होते हैं तो सस्पेंशन पीरियड के लिए डेली अलाउंसेस के हकदार नहीं, क्योंकि संसद सदस्य के वेतन भत्ते और पेंशन अधिनियम 1954 की धारा 2 (डी) के तहत ड्यूटी की जगह पर निलंबित सांसद का रहना, ड्यूटी पर होना नहीं माना जा सकता है।

संसद के दोनों सत्रों में आज क्या-क्या होगा

संसद से सस्पेंड हुए सांसदों में सबसे ज्यादा 57 कांग्रेस के हैं। इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने आज मीटिंग बुलाई है। निलंबन के बाद सदन में विपक्ष की संख्या एक-तिहाई रह गई है। आज की कार्यवाही में लोकसभा में 102 और राज्यसभा में 94 सांसद भाग लेंगे।