यूपी की सियासत में ‘आई लव यू’ से गुंडा बयान तक चर्चा
सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ / एजेंसियाँ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी और नेताओं के विवादित बयानों को लेकर माहौल गरमाने लगा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के ‘आई लव यू’ वाले बयान पर एक जैसी प्रतिक्रिया सामने आने के साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर का खुद को ‘सबसे बड़ा गुंडा’ बताने वाला बयान भी चर्चा में है। वहीं, भाजपा की ओर से निषादराज को लेकर की जा रही राजनीतिक गतिविधियां भी सियासी बहस का हिस्सा बनी हुई हैं।
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज को संबोधित करते हुए लोगों से अपनी पत्नियों से सुबह, दोपहर और रात ‘आई लव यू’ कहने की अपील की थी। उन्होंने इसके जरिए अपने राजनीतिक संदेश को भी जोड़ा। दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने ओवैसी के ‘अब्दुल’ संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अब्दुल एक धार्मिक और पवित्र शब्द है, इसलिए इस पर राजनीतिक टिप्पणी से बचना चाहिए। दोनों नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
इसी बीच, कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का बांदा में दिया गया बयान सुर्खियों में है। उन्होंने सभा में कहा कि उनसे बड़ा गुंडा कोई नहीं है। उन्होंने मुख्तार अंसारी, धनंजय सिंह, अभय सिंह और बृजेश सिंह का नाम लेते हुए दावा किया कि ऐसे लोग उनके यहां दरबार करते हैं। साथ ही उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि आंख दिखाने वालों को जवाब देने की हैसियत रखते हैं।
बयान वायरल होने के बाद राजभर ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद गरीबों और कमजोरों को डराने वाले दबंगों को चुनौती देना था। उन्होंने अपने बयान को गलत मानने से इनकार किया।
उधर, भाजपा निषादराज से जुड़े प्रतीकों और सामाजिक समीकरणों को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर रही है। इन घटनाक्रमों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों की जनसंपर्क और सामाजिक आधार मजबूत करने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है।
Hashtags: #UttarPradeshState #Bhopal #यूपी #सियासत #गुंडा #बयान #चर्चा #सीएनएन #सेंट्रल #यूपीकीसियासतमें