आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस से जंग लड़ने के लिए यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका को नहीं पता की उनकी तरफ से दिए गए 1 बिलियन डॉलर यानी 8 हजार करोड़ रुपए के हथियार कहां हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल के मुताबिक यूक्रेन को भेजे गए 8 हजार करोड़ रुपए के हथियारों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। शक जताया गया है कि या तो एक बिलियन डॉलर के हथियारों को कहीं और भेज दिया गया है या उनकी लूट हुई है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा लूट का कोई सबूत नहीं
न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक डिफेंस डिपार्टमेंट के ऑफिस ने गुरुवार को दिखाया कि यूक्रेन को दी गई 1.7 बिलियन डॉलर की मदद से 59% यानी लगभग 1 बिलियन डॉलर का कोई ब्योरा ही नहीं है। ये रिपोर्ट उस वक्त आई है जब अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी यूक्रेन और इजराइल को दी जाने वाली 105 बिलियन डॉलर की मदद को रोके हुए है।
अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट के प्रेस सेक्रेटरी ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने अपने ही रक्षा विभाग के दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हथियारों को कहीं और भेजा गया। हमने हथियारों को यूक्रेन में तैनात और उनका इस्तेमाल होते हुए देखा है।
पैट्रिक राइडर ने हथियारों की जानकारी नहीं होने को रूस का प्रोपोगैंडा बताया है। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका की M4 राइफल्स का इस्तेमाल हमास और जम्मू कश्मीर में आतंकी कर रहे हैं।
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस ने अब तक नाटो और यूक्रेन को 100 बिलियन डॉलर की मदद दी है। इसमें से 75 बिलियन डॉलर की मदद यूक्रेन को गई है। अमेरिका ने यूक्रेन को एंटी टैंक मिसाइल, जमीन से जमीन पर वार करने वाली मिसाइलें, कामिकाजे ड्रोन, आर्मर्ड व्हीकल जैसे दर्जनों हथियार दिए हैं।
कहां कमी रही?
ऑडिट में 1 बिलियन डॉलर के हथियारों के लापता होने के पीछे मॉनिटरिंग और स्टाफ की कमी, वॉर जोन में हथियार पहुंचे या नहीं इसकी मॉनिटरिंग नहीं हो पाना बताया गया है। डिफेंस डिपार्टमेंट के जनरल इंस्पेक्टर का ऑफिस मामले की जांच कर रहा है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जांच सिक्योरिटी एसिस्टेंस के गलत इस्तेमाल के एंगल से की जा रही है।
अमेरिका में काफी वक्त से यूक्रेन को भेजे जाने वाली मदद की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई जा रही है। रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं तो यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक मदद बंद कराने के लिए एक रेजोल्यूशन तक पेश कर चुके हैं।