आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : तमिलनाडु के यूथ वेलफेयर मिनिस्टर और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी का सोमवार को एक बार फिर बचाव किया।
उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी में कुछ भी गलत नहीं था और मैं कानूनी तरीके से इस मुद्दे का सामना करूंगा। मैंने केवल अपनी विचारधारा पर बात की थी।
उदयनिधि ने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा था जो पहले कभी न कहा गया हो। डॉ. बीआर अंबेडकर और पेरियार ईवी रामासामी भी ऐसी बात कह चुके हैं।
दरअसल, 2 सितंबर को उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म डेंगू और मलेरिया की तरह एक बीमारी है और इसे जड़ से खत्म कर देना चहिए।
मैं अपनी बात पर कायम: उदयनिधि
उदयनिधि ने सोमवार को NEET के खिलाफ DMK के सिग्नेचर कैम्पेन के तहत विदुथलाई चिरुथिगल काची पार्टी के प्रमुख थोल तिरुमावलवन से मिले थे। यहीं पर उन्होंने सनातन धर्म पर दिए बयान को लेकर मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि उदयनिधि स्टालिन और हिंदू धर्म और धर्मस्व मंत्री पीके शेखरबाबू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना पुलिस की तरफ से बड़ी लापरवाही थी।
इधर, इसी बयान को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में उदयनिधि के खिलाफ एक और याचिका दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि सनातन धर्म पर टिप्पणी करके उदयनिधि ने संविधान के साथ फ्रॉड किया है। इस याचिका में दावा किया गया है कि उदयनिधि ने अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया।
उदयनिधि ने सनातन की तुलना डेंगू-मलेरिया से की थी
तमिलनाडु CM एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में 2 सितंबर को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। 4 दिन बाद 7 सितंबर को उन्होंने पहली बार सफाई दी। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी धर्म का दुश्मन नहीं हूं। मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया। मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं।’
सनातन धर्म विवाद पर उदयनिधि ने कहा कि वह भविष्य में भी इसके खिलाफ बोलते रहेंगे। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि सनातन पर उनकी टिप्पणी नई नहीं है। उदयनिधि ने कहा, अतीत में कई मौकों पर, बी आर अंबेडकर, पेरियार (डीके संस्थापक ई वी रामासामी) और एम करुणानिधि (पूर्व डीएमके संरक्षक) ने इसके बारे में बात की थी।
राष्ट्रपति आदिवासी-विधवा, इसलिए संसद के उद्घाटन में नहीं बुलाया:उदयनिधि बोले- DMK पार्टी सनातन को खत्म करने के लिए ही बनी
तमिलनाडु के मंत्री और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार 20 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में न बुलाए जाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा- राष्ट्रपति मुर्मू को इसलिए नहीं बुलाया गया, क्योंकि वो विधवा हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं।