आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: अयोध्या में चलती ट्रेन में महिला सिपाही से बर्बरता करने वाले आरोपी अनीश को STF ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मुठभेड़ में दो आरोपी पकड़े गए हैं। जबकि क्रास फायरिंग में एक दरोगा और दो सिपाही जख्मी हुए हैं। ये एनकाउंटर अयोध्या के पूराकलंदर के छतरिवा पारा कैल रोड पर हुआ।

शुक्रवार तड़के STF को आरोपियों के बारे में इनपुट मिला कि वो इनायतनगर में छिपे हैं। STF और अयोध्या पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया। इलाके की घेराबंदी करके सर्च शुरू किया। खुद को घिरता हुआ देख तीनों बदमाश अनीश, विशम्भर और आजाद ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में विशम्भर और आजाद घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी।

इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश वहां से बाइक से भाग निकला। STF ने 40 किमी. दूर पूराकलंदर तक उसका पीछा किया। सड़क को पहले ही पुलिस ने सील कर दिया था। यहां पुलिस ने उसे घेरकर सरेंडर करने के लिए कहा। मगर, अनीश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली अनीश को लगी।

घायल अनीश को पुलिस जिला अस्पताल अयोध्या लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में थानाध्यक्ष पूराकलंदर रतन शर्मा भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। 2 अन्य सिपाहियों के भी जख्मी हैं। उनको भी अस्पताल में एडमिट किया गया है।

अयोध्या एसएसपी राजकरन अययर ने बताया कि अनीश (30) पुत्र रियाज खान महिला कॉस्टेबल पर हमले का मुख्य आरोपी था। यह हैदरगंज के दशलावन का रहने वाला था। वहीं, आजाद भी इसी गांव का रहने वाला है। इसके अलावा, तीसरा आरोपी विशंभर दयाल सुल्तानपुर का रहने वाला है।

ट्रेन में खून से लथपथ मिली थी कॉन्स्टेबल, 23 दिन बाद भी भर्ती

31 अगस्त को महिला कांस्टेबल सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में खून से लथपथ मिली थी। उनकी ड्यूटी अयोध्या के सावन मेले में लगी थी। महिला कांस्टेबल का वीडियो सामने आया था। इसमें वह सीट के नीचे थी। शरीर के निचले हिस्से में कपड़े नहीं थे। चेहरे पर चाकू से गहरे निशान थे। सिर पर फटा हुआ था। इतनी बेरहमी से हमला किया गया था कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी सहम गए थे।

वारदात के 23 दिन बाद भी महिला कांस्टेबल का लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस ने शुरुआत में लीपापोती की कोशिश की। हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद वारदात की जांच STF को सौंपी गई। एसटीएफ ने 5 दिन पहले ही इस मामले में पब्लिक से सूचना मांगी थी। इसके अलावा, आरोपियों की जानकारी देने पर एक लाख का इनाम देने का ऐलान किया था।

पेशेवर चोर निकले महिला कांस्टेबल के हमलावर

STF के मुताबिक, अनीश, आजाद और विशम्भर पेशेवर चोर हैं। चलती ट्रेनों में चोरियां करते हैं। 30 अगस्त की रात सरयू एक्सप्रेस में चोरी के इरादे से ही चढ़े थे। अयोध्या स्टेशन आने से पहले बोगी तकरीबन खाली हो चुकी थी। उस दौरान ये तीनों सीट पर बैठे मोबाइल पर ब्लू फिल्म देख रहे थे। सामने की सीट पर महिला कांस्टेबल बैठी थीं।

महिला कांस्टेबल उनके इरादे भांप चुकी थी। उसने अपनी सीट बदली, लेकिन बदमाश उसके पीछे दूसरी सीट पर भी आ गए। अयोध्या में पूरी तरह से बोगी खाली होने पर उन्होंने महिला के साथ जबरदस्ती करना शुरू किया। कांस्टेबल ने विरोध किया तो उसके चेहरे पर धारदार चीज से वार किए। सिर को खिड़की से टकराया। फिर भी कांस्टेबल लड़ती रही। हावी होने पर नाकाम होने पर महिला कांस्टेबल को बुरी तरह से मारा।