सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टैरिफ नहीं होता तो प्लांट नहीं बनता, एस्सार के अमेरिकी प्रोजेक्ट पर बड़ा बयान
वॉशिंगटन। भारत के एस्सार समूह की अमेरिकी इकाई मेसाबी मेटालिक्स आयोवा में करीब 15 अरब डॉलर का इस्पात संयंत्र लगाने जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में इस परियोजना की घोषणा की। प्रस्तावित संयंत्र की शुरुआती क्षमता करीब 75 लाख टन सालाना होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर करीब एक करोड़ टन किया जा सकता है।
परियोजना को लेकर ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिकी इस्पात पर लगाए गए 50 प्रतिशत आयात शुल्क को भी प्रमुख वजह के तौर पर पेश किया गया है। ट्रंप ने कहा कि विदेशी इस्पात पर शुल्क के कारण कंपनियों के लिए अमेरिका में उत्पादन करना अधिक आकर्षक हुआ है। उन्होंने अमेरिकी इस्पात उद्योग में नए निवेश को इसी नीति से जोड़ा।
मेसाबी मेटालिक्स का नया संयंत्र मिनेसोटा स्थित कंपनी की लौह अयस्क खदान से मिलने वाले कच्चे माल का इस्तेमाल करेगा। कंपनी ने मिनेसोटा में करीब 2.5 अरब डॉलर की लौह अयस्क परियोजना विकसित की है। इस तरह खनन से लेकर इस्पात उत्पादन तक की आपूर्ति श्रृंखला अमेरिका के भीतर रखने की योजना है। आयोवा संयंत्र के निर्माण से करीब 6,000 निर्माण रोजगार और लगभग 1,750 से 2,000 स्थायी रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। उत्पादन 2030 के आसपास शुरू होने का लक्ष्य है। एस्सार समूह की ओर से अमेरिका में कुल निवेश प्रतिबद्धता करीब 18 अरब डॉलर बताई गई है।
Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #Desksource #बनत #एनएन #टवर #DeskSource #आईट #गटन #अरब