आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 5 स्टार रेटिंग के साथ भोपाल देश का पांचवां सबसे साफ शहर रहा। जैसे ही ये खबर लगी भोपाल में नगर निगम के कर्मचारी जश्न मनाने लगे। बीएमसी कार्यालय के सामने सफाई कर्मचारी डांस करने लगे। इस दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने ढोल भी बजाया और कर्मचारियों का मुंह मीठा कराया। पिछली रैंकिंग छठवीं थी।
इससे पहले शहर ने वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। स्वच्छता से जुड़े अफसरों की माने तो गीले, सूखे, मेडिकल समेत 5 तरह के कचरे की प्रोसेसिंग में भोपाल में बेहतर काम हुआ है। दिल्ली में भारत मंडपम में कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस मौके पर सीएम मोहन यादव मौजूद रहे।
कचरा सेग्रीगेशन में इंदौर से पिछड़ा भोपाल
स्वच्छता सर्वे में देश के सबसे साफ शहर इंदौर को कचरे के सोर्स सेग्रेशन पैरामीटर पर 98 प्रतिशत अंक मिले हैं। वहीं भोपाल कचरे के सोर्स सेग्रीगेशन के मामले में इंदौर से 3 अंक पीछे हैं। भोपाल को कचरे के सोर्स सेग्रीगेशन के पैरामीटर को 95 प्रतिशत ही पूरा कर रहा है।
इंदौर के पब्लिक टॉयलेट शत प्रतिशत साफ और भोपाल के 97 %
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक पब्लिक टॉयलेट में साफ – सफाई के पैरामीटर पर इंदौर शत प्रतिशत खरा साबित हुआ है। जबकि भोपाल काे पब्लिक टॉयलेट की साफ – सफाई 97 प्रतिशत ही पैरामीटर्स के अनुरूप हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पब्लिक टॉयलेट की साफ – सफाई कैटेगरी में इंदौर को 100 और भोपाल को 97 प्रतिशत अंक मिले हैं। इस पैरामीटर के मूल्याकंन में भोपाल इंदौर से 3 अंको से पीछे रह गया।
गीला हो या सूखा कचरा, निगम ने कदम बढ़ाया
राजधानी में हर रोज औसत 800 टन कचरा निकलता है। इसमें 300 टन गीला और 500 टन सूखा कचरा रहता है। वहीं, मेडिकल वेस्ट भी निकलता है। गीले और सूखे कचरे को लेकर निगम ने काफी कारगार कदम आगे बढ़ाए। यही कारण है कि रैंकिंग में सुधार हुआ।
गार्बेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रेटिंग
पिछली बार भोपाल ने देशभर में छठवां स्थान हासिल किया था। वहीं, गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार रेटिंग मिली थी। इसके पीछे निगम के कई ऐसे काम, जो इस कैटेगिरी में शामिल हैं। इनमें सीएंडडी प्लांट, बायो सीएनजी और कचरे के बेहतर ढंग से निपटान किया जाना प्रमुख है। तत्कालीन निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने सीएंडडी प्लांट, बायो सीएनजी और चारकोल प्लांट को लेकर एजेंसियों से एग्रीमेंट किया था।