सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह टकराव मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।

सुप्रिया सुले ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दलों को अलग-अलग मुद्दों पर बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष “वोट चोरी” बताई जा रही चिंताओं को उठाता रहेगा और 6 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा। उनके बयान को उनकी पार्टी और विपक्षी दलों की राजनीतिक स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

शाइना एनसी ने SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के रुख की आलोचना की और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर उठाई जा रही आपत्तियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह पुनरीक्षण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत किया जा रहा है और इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना है।

शाइना ने यह भी दावा किया कि मृत मतदाताओं के नाम, दोहरी प्रविष्टियां और स्थान बदल चुके लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कथित फर्जी नामों की संख्या लाखों में होने का भी दावा किया, लेकिन यह आंकड़ा राजनीतिक दावा है और इस रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किया गया है।

यह बयानबाजी ऐसे समय हो रही है, जब महाराष्ट्र में विपक्षी दल शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS प्रमुख राज ठाकरे द्वारा घोषित 4 अक्टूबर के बड़े विरोध मार्च में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। NCP-SP और कांग्रेस ने भी इस मार्च में भाग लेने की घोषणा की है।

यह विवाद आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले चुनाव आयोग, मतदाता सूची पुनरीक्षण और SIR प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस को दर्शाता है।


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