आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सहारा इंडिया के चेयरपर्सन सुब्रत रॉय की अंतिम यात्रा में उनके दोनों बेटे शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में उनका 16 साल का पोता हिमांक रॉय मुखाग्नि देगा। लखनऊ के बैकुंठ धाम में 2 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए अभी पार्थिव शरीर सहारा शहर में रखा गया है। यहां श्रद्धांजलि के लिए एक किमी. की कतार लगी है। सुब्रत रॉय के दोनों बेटे सुशांतो और सीमांतो विदेश में हैं। हिमांक, सुब्रत के छोटे बेटे सीमांतो का बेटा है जो लंदन में पढ़ाई करता है।
इधर, गुरुवार सुबह से सहारा शहर में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा रॉय के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देशभर में सहारा परिवार से जुड़े लोग अपने चेयरपर्सन के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षा और ट्रैफिक के लिहाज से बैकुंठ धाम के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।
सहारा इंडिया परिवार के कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवार के लोगों को मुख्य द्वार से ही एंट्री मिल रही है।
बैकुंठ धाम के बाहर सुरक्षा और ट्रैफिक के लिहाज से पुलिस तैनात की गई है।
अंतिम यात्रा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पहुंचने की संभावना
बुधवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सहारा शहर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पोस्ट पर लिखकर सुब्रत राय सहारा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सहारा इंडिया परिवार की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक सहारा शहर से लेकर बैकुंठ धाम तक सुब्रत रॉय की अंतिम यात्रा पैदल ही निकाली जाएगी। जिसमें 25 हजार लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी अंतिम यात्रा में पहुंचने की संभावना है।
लखनऊ में सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर सहारा शहर लाया गया। सहारा इंडिया परिवार के सदस्यों ने सहाराश्री अमर रहे के नारे लगाए गए।
बुधवार शाम चार्टर प्लेन से शव लखनऊ लाया गया
सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय 10वीं में पढ़ने वाले पोते हिमांक, भतीजी प्रियंका सरकार और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बुधवार को लखनऊ पहुंची। जबकि सहाराश्री का पार्थिव शरीर एक चार्टर्ड विमान से यहां लाया गया। यहां सहारा शहर में शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, कार्यवाहक सीएम रहे अम्मार रिजवी सहित बड़ी संख्या में करीबी सहारा शहर पहुंचे। सहारा इंडिया परिवार के सदस्यों ने सहाराश्री अमर रहे के नारे लगाए।
सुब्रत रॉय का मंगलवार रात 10:30 बजे मुंबई में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। सहारा इंडिया ग्रुप ने बताया कि सुब्रत रॉय सहारा को मेटा स्टैटिक मेलिगनेंसी, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या थी। कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। वे 12 नवंबर से कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (केडीएएच) में भर्ती थे।बिहार में जन्म, गोरखपुर से शुरू किया कारोबार
सुब्रत रॉय का जन्म 10 जून 1948 को बिहार के अररिया में हुआ था। कोलकाता के होली चाइल्ड स्कूल से शुरूआती शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने राजकीय तकनीकी संस्थान गोरखपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। सहाराश्री ने साल 1978 में गोरखपुर से अपना व्यवसाय शुरू किया और सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की।