आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भोपाल में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वे भावुक दिखे। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश की जनता ने मुझे अपने ही बीच का माना। छोटे-छोटे बच्चे मुझे मामा कहकर बुलाते तो मैं उन्हें चूमता, गले लगाता। यह मैं कभी नहीं भूलूंगा। अपनी जनता का हृदय से आभारी हूं।’

उन्होंने कहा, ‘मेरे मन में कभी दुर्भावना नहीं रही। कर्तव्य के भाव से किए गए फैसले से किसी को तकलीफ पहुंची हो तो मैं क्षमाप्रार्थी। एक कार्यकर्ता के नाते जनता की सेवा करता रहूंगा।’

दैनिक भास्कर ने पूछा- आपने कहा था कि दिल्ली नहीं जाऊंगा? इस पर शिवराज ने कहा, ‘अपने लिए कुछ मांगने जाने से बेहतर, मरना समझूंगा।’ खुद की एनर्जी के सवाल पर कहा, ‘जनता के प्रति मेरा समर्पण, प्रतिबद्धता और जनता का प्यार मुझे थकने भी नहीं देता और रुकने भी नहीं देता। चार बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड तोड़ने के सवाल पर बोले, ‘रिकॉर्ड बनते ही तोड़ने के लिए हैं।’

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले CM हाउस में शिवराज सिंह से महिलाओं ने मुलाकात की। वे शिवराज से लिपटकर रोने लगीं। बोलीं, ‘आप सबके चहेते हो। हम आपको नहीं छोड़ेंगे। बात ये है कि बहनों ने आपको चुना है, हमने आपको चुना है। मध्यप्रदेश से कहीं मत जाना।’ इस पर शिवराज बोले, ‘मैं भी कहां जा रहा हूं, मैं भी नहीं छोड़ूंगा।’

शिवराज की 8 बड़ी बातें…

लाड़ली बहना पर…

योजना की बदौलत सरकार बनी

आज मैं यहां से विदाई ले रहा हूं। मेरा मन आत्मसंतुष्टि से भरा हुआ है। केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजना, लाड़ली लक्ष्मी, लाड़ली बहना की बदौलत सरकार बनी। भारी बहुमत वाली सरकार को 48.55% वोट मिले। लाड़ली बहना जैसी योजना की केस स्टडी होनी चाहिए कि 6 महीने के अंदर बनी और क्रियान्वित हो गई। यह प्रशासनिक दक्षता का उत्तम उदाहरण है।

अपने कार्यकाल पर…

जनता के लिए खुद को झोंका

हमें विरासत में एक पिछड़ा और बीमारू मध्यप्रदेश मिला था। इन वर्षों में मैंने मुझ में जितनी क्षमता थी, सामर्थ्य था, पूरा झोंक कर प्रदेश और जनता के कल्याण के लिए काम किया। पूरी प्रामाणिकता, ईमानदारी, परिश्रम के साथ प्राणों से प्यारी जनता का कल्याण हो, इसमें खुद को झोंका। 2008, 2013 में भी भाजपा सरकार बनी। 2018 में हमें वोट ज्यादा मिले, सीटों के गणित में पिछड़ गए। पेसा कानून हमने लागू किया।

नए CM पर…

विश्वास है कि काम पूरे होंगे

विश्वास है कि जो काम चल रहे हैं, मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार उन्हें पूरा करेगी। प्रगति की दृष्टि से मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयां छुएगा। मैं सदैव उनको सहयोग करता रहूंगा। आज मेरे मन में एक संतोष का भाव है। 2003 में उमा जी के नेतृत्व में भारी बहुमत से भाजपा सरकार बनी थी। तिरंगा वाले प्रकरण में उन्होंने पद छोड़ा था, फिर गौर साहब और फिर मैं सीएम बना।

महिला सशक्तिकरण पर…

महिलाएं वोट का जरिया नहीं

महिला सशक्तिकरण मेरे लिए वोट प्राप्त करने का जरिया नहीं है, यह मेरी अंतरआत्मा से निकला हुआ है, क्योंकि बचपन से मैंने बेटियों-बहनों की अपने गांव में दुर्दशा देखी है। बेटियां कोख में मारी जाती थीं, तब लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजना ने जन्म लिया। कन्या विवाह, सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण, संपत्ति खरीदने स्टांप शुल्क में छूट, लाड़ली बहना, संबल जैसी योजना बनाकर बहनों और बेटियों की जिंदगी में हम खुशी के पल ला पाए।