सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: प्रदेश हो रहे भ्रष्टाचार को दुर करने के लिये मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिकायत के लिए सीएम हेल्पलाइन सेवा शुरुआत की गई थी। जिससे प्रदेश के लोगो को न्याय मिल सके लेकिन अब देखा जा रहा है कि प्राचार्यो व प्रभारियो के द्वारा उसका मजाक बनाया जा रहा है यदि कोई शिकायत सीएम हेल्पलाइन में होती है तो शिकायतकर्ता का कथन लिए बिना प्राचार्य और प्रभारी के दिए गए जवाब के अनुसार कार्रवाई कर उसे बंद करने के लिए भेज दिया जाता है जबकि पीड़ित द्वारा असहमत होने की स्थिति में उसे अगले अधिकारी को भेज दिया जाता है इसी प्रकार वह शिकायत एल 1अधिकरी से एल 4 तक घूमती घूमती रहती है और शिकायतकर्ता को न्याय नहीं मिल पाता।

यह था ममला शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल गांधीनगर भोपाल मे शिकायत कर्ता द्वारा आई सी टी लैब के लिये आवेदन दिया गया था | लेकिन तत्कालिन प्राभारी के द्वारा अमंत्रित नही किया गया और जब सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत हुई तो वर्तमान प्राचार्य और तत्कालिन प्रभारी प्राचार्य के द्वारा जवाब मे दिया गया कि शिकायत कर्ता का आवेदन स्कूल मे जमा नही जबकि पूर्व प्राचार्य के द्वारा शिकायत कर्ता के आवेदन होने की पुष्टि की गयी है। मजे की बात तो यह है कि निरकरण अधिकारी द्वारा शिकयतकर्ता के कथन लिये बिना ही निरकरण कर शिकायत को बंद करने हेतु भेज दिया गया ।
जिले मे सीएम हेल्पलाइन के सैकडो शिकायत है लंबित

वर्तमान में सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा शिकायत शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षकों की शिकायत लंबित है, वैसे भी भोपाल की शिकायत निराकरण में सबसे आखरी पायदान पर आता है और वही इस प्रकार के निराकरण देखकर हैरान करने वाले होते है अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता से बात करने पर बताया गया कि इसी प्रकार प्रदेश के सभी अतिथि शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है और शिकायत करने पर उनका निराकरण भी ऐसा होता है कि उन्हें न्याय ही नहीं मिलता उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि सभी शिकायतों को निराकरण सही ढंग से जल्द से जल्द किया जाए और दोषियों पर कार्यवाही किया जाये ।