सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता बैटरी खत्म होने की होती है, लेकिन अब नई तकनीक इस समस्या का समाधान लेकर आई है। ऐसी इलेक्ट्रिक कारें विकसित की जा रही हैं, जो चलते-चलते खुद चार्ज हो सकती हैं, जिससे ड्राइविंग के दौरान बैटरी खत्म होने का डर काफी हद तक कम हो जाएगा।

यह तकनीक मुख्य रूप से रीजनरेटिव ब्रेकिंग और एडवांस एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित होती है। जब कार ब्रेक लगाती है या धीमी होती है, तब वह ऊर्जा को दोबारा बैटरी में स्टोर कर लेती है। इसके अलावा कुछ नई तकनीकों में सोलर पैनल और वायरलेस चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल की जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बनाएगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बार-बार चार्जिंग की जरूरत कम हो जाएगी।

हालांकि, पूरी तरह से सेल्फ-चार्जिंग कार अभी विकास के चरण में है, लेकिन ऑटोमोबाइल कंपनियां इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। आने वाले समय में यह तकनीक आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।

यह नवाचार न केवल ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा। इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह तकनीक भविष्य में ऑटो इंडस्ट्री को नई दिशा दे सकती है।

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