सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कइंटीग्रेटेड ट्रेडन्यूज़ भोपाल: सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा दिया है। पार्टी ने मंगलवार 26 दिसंबर को जारी एक बयान में कहा कि धर्म एक व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा मामला है। इसलिए निमंत्रण मिलने के बावजूद वह समारोह में शामिल नहीं होंगे।

उधर, BJP ने 22 जनवरी के बाद से 2.5 करोड़ लोगों को रामलला के दर्शन कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी BJP के सभी सांसद-विधायकों को सौंपी गई है।

CPI-M का आरोप- BJP ने धार्मिक आयोजन को सरकारी आयोजन में बदला

पार्टी ने X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा- हमारी नीति धार्मिक मान्यताओं और हर व्यक्ति के विश्वास को आगे बढ़ाने के अधिकार का सम्मान करना है। धर्म निजी पसंद का मामला है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

पोस्ट में यह भी लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि BJP और RSS ने एक धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में बदल दिया है, जिसमें सीधे प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बाकी सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।

पार्टी ने लिखा है कि भारत में शासन का एक बुनियादी सिद्धांत है। संविधान के तहत भारत में शासन का कोई धार्मिक जुड़ाव नहीं होना चाहिए। सत्तारूढ़ पार्टी इसका उल्लंघन कर रही है।

545 लोकसभा सीटों से 5-5 हजार लोगों की लिस्ट बनेगी

प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद रामलला के दर्शन करवाने के लिए देशभर की 545 लोकसभा सीटों से करीब 2.5 करोड़ लोग अयोध्या लाए जाएंगे। हर लोकसभा सीट से 5-5 हजार लोगों को अलग-अलग तारीखों पर यहां लेकर आया जाएगा। करीब 3 महीने में 1 करोड़ लोगों को दर्शन-पूजन पूरा कराया जाना है।