आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ललन सिंह की छुट्टी हो गई है। दिल्ली के कंस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने अपना इस्तीफा दिया। इसे पार्टी के सर्वमान्य नेता और बिहार के CM नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया, लेकिन ये इस्तीफा अचानक नहीं हुआ है। इसकी पटकथा महीनों पहले लिखी जा चुकी थी।
पहले इन दो घटनाओं से समझिए…
13 सितंबर 2023…. CM नीतीश कुमार ने पार्टी के सबसे जमीनी कार्यकर्ता प्रखंड अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक की। इस बैठक में नीतीश के सबसे खास सिपहसालार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह गायब रहे। जब इसकी चर्चा तेज हुई, तब पार्टी की तरफ से बयान जारी किया गया कि वे बीमार हैं। हालांकि, बैठक से एक दिन पहले ही उन्होंने राजगीर में एक बड़ी सभा को संबोधित किया था।
28 सितंबर 2023… ठीक एक सप्ताह बाद नीतीश कुमार ने विधानसभा प्रभारियों की बैठक बुलाई। बैठक खत्म होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के बीच तू-तू.. मैं-मैं की खबर सामने आई। ललन सिंह को अशोक चौधरी को बरबीघा का दौरा करने से मना किया। वे नहीं माने। इसके दो दिन बाद ही वे ताम-झाम के साथ बरबीघा पहुंचे। इसके बाद अशोक चौधरी को जमुई के प्रभारी मंत्री से हटा दिया गया। हालांकि नीतीश कुमार अशोक चौधरी के साथ मजबूती से खड़े रहे।
इन दो घटनाओं के बाद ये लगभग तय हो गया कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। साथ ही लालू परिवार से ललन सिंह की नजदीकियां भी नीतीश कुमार को खटकने लगी थी। ललन सिंह की मनमानी पर नीतीश कुमार शिकंजा कसना चाहते हैं। उन्होंने एक के बाद एक पार्टी के सभी पदाधिकारियों के साथ खुद बैठक की और उन्हें मजबूती से 2024 का चुनाव लड़ने का संदेश दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि इस बार वे 2020 की गलती नहीं दोहराएंगे। अब इस बैठक के 100 दिन बाद ललन सिंह की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से विदाई हो गई है।
ललन सिंह की इच्छा के खिलाफ G-20 के भोज में गए नीतीश कुमार
दिल्ली में आयोजित G-20 के भोज में नीतीश कुमार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आमंत्रण मिला था। ललन सिंह चाहते थे कि नीतीश कुमार वहां नहीं जाएं। इसके बाद भी नीतीश कुमार वहां गए। केवल वहां गए ही नहीं बल्कि PM नरेंद्र मोदी से मिले। उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और वे तस्वीरें BJP की तरफ से सोशल मीडिया पर जारी भी हुई। इसके बाद बिहार में आयोजित पूर्वी भारत सुरक्षा परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ नीतीश कुमार ने मंच भी साझा किया।
अब पहले ललन सिंह के इस्तीफा देने के तीन कारण समझिए
अड़ियल रवैये के कारण कार्यकर्ताओं से तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे
पार्टी सूत्रों की माने तो जेडीयू नेताओं की तरफ से लगातार नीतीश कुमार को ललन सिंह के अड़ियल रवैये की शिकायत मिल रही थी। इसके कारण पार्टी के नेता उनके साथ तारतम्य नहीं बिठा पा रहे थे और न ही पार्टी संबंधी गतिविधियों पर उनके साथ चर्चा हो पा रही थी। CM हाउस में मंत्री अशोक चौधरी और ललन सिंह के विवाद के बाद भी इस पर पार्टी में खूब चर्चा हुई थी। शिकायत CM नीतीश कुमार तक पहुंची थी। उनके इस्तीफे का एक बड़ा कारण इसे माना जा रहा है।