आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि भारत 5000 साल से सेक्युलर रहा है। सभी तत्वों के ज्ञान का यही सार है। सारा विश्व एक परिवार है, ये हमारी भावना है। ये महज एक सिद्धांत नहीं है, इसे जानने, मानने और इसके मुताबिक आचरण करने की जरूरत है।

मोहन भागवत ने ये बात RSS कार्यकर्ता रंगा हरि की किताब- पृथ्वी सूक्त- एन ओड टु मदर नेचर के लॉन्च इवेंट पर कही। संघ प्रमुख ने कहा कि हम मातृभूमि को अपनी राष्ट्रीय एकता का अहम भाग मानते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मातृभूमि के लिए भक्ति, समर्पण और प्रेम की भावना रखें।

भागवत बोले- लोग एक-दूसरे से लड़ना बंद करें

RSS प्रमुख ने कहा कि इस देश में इतनी विविधता है। इतिहास को देखें तो मनुष्य अपने आप में कुछ भी नहीं है। उसे एक छोटा सा जीव भी परेशान कर सकता है। इसलिए लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए एकत्र होना शुरू किया। लेकिन, साथ आना तो आसान है, साथ रहना मुश्किल है। जो लोग मिलेंगे नहीं, वो कभी झगड़ा भी नहीं करेंगे।

लेकिन, लोगों को एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए। हमें देश को ऐसा बनाना चाहिए कि हम देश को सिखा सकें कि हम एक हैं। भारत के अस्तित्व का यही एकमात्र मकसद है। भागवत ने कहा कि ऋषि-मुनियों ने भारत को दुनिया के भले के लिए बनाया था। उन्होंने ऐसा समाज बनाया जो अपनी शिक्षा इस देश के आखिरी इंसान तक पहुंचा सके।

उन्होंने कहा कि वे लोग सिर्फ संन्यासी नहीं थे, वे अपने परिवारों के साथ जोगियों वाली जिंदगी जीते थे। ये घुमंतू आज भी यहीं हैं, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने अपराधी जनजाति घोषित कर दिया था। ये लोग अब भी समाज के बीच अपनी संस्कृति पेश करते हैं। कुछ लोग आयुर्वेदिक का ज्ञान भी बांटते हैं। हमारे लोग ज्ञान का अर्जन करने के लिए मेक्सिको से साइबेरिया तक दुनिया घूमे हैं।

भारत ने G20 को वसुधैव कुटुंबकम का मंच बना दिया

इसलिए ये कोई हैरानी की बात नहीं है कि भारत ने आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने वाले G20 जैसे मंच को ऐसे मंच में तब्दील कर दिया जो मानवता के बारे में सोचता है। हमने वसुधैव कुटुंबकम की भावना को इस मंच से जोड़ दिया है।

वामपंथी विचारधारा पर मोहन भागवत बोले- स्कूल में बच्चों से प्राइवेट पार्ट्स के नाम पूछे जा रहे

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को वामपंथी विचारधारा पर जमकर हमला बोला। भागवत ने कहा- स्कूलों में छोटे बच्चों से प्राइवेट पार्ट्स के नाम पूछना वामपंथी ईकोसिस्टम का हमला है। ऐसे विचारधारा के लोगों को लगता है कि वे ताकतवर हैं, भगवान हैं। वे खुद को साइंटिस्ट बुलाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।

भागवत बोले- आज के युवा बूढ़े होने से पहले अखंड भारत का सपना सच होते देखेंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार 6 सितंबर को कहा कि हमारे समाज में आज भी भेदभाव मौजूद है। जब तक ये असमानता बनी रहेगी, तब तक आरक्षण भी जारी रहना चाहिए। हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं।

भागवत ने यह भी कहा कि अखंड भारत या अविभाजित भारत का सपना आज के युवाओं के बूढ़े होने से पहले सच हो जाएगा, क्योंकि 1947 में भारत से अलग होने वाले लोग अब महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने गलती की। भागवत का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए मराठा समुदाय का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है।