आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हरियाणा के रोहतक स्थित अस्थल बोहर मठ के महंत बाबा बालकनाथ तिजारा सीट से जीत के बाद राजस्थान CM की दौड़ में शामिल हो गए हैं। बाबा बालक नाथ को प्रबल दावेदार इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों ही अस्थल बोहर मठ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत, बाबा रामदेव, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे।

इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित साधुओं ने बाबा बालक नाथ को सीएम बनाने की आवाज उठाई थी। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम पद के लिए नाम की घोषणा तो नहीं की, बाबा बालकनाथ की सराहना जमकर की थी। इस वजह से उनके सीएम बनने को लेकर कयास तेज हो गए हैं। हालांकि, राजस्थान में CM पद को लेकर फिलहाल 7 नेताओं के नाम चर्चा में हैं। जिनमें पूर्व CM वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, दिया कुमारी के नाम प्रमुख हैं।

बाबा बालक नाथ ने चुनाव जीतने के बाद बुलडोजर के बयान पर कहा कि अपराधियों में बुलडोजर का भय है। बुलडोजर के जरिए अपराधियों में भय स्थापित करना है। तिजारा में जो अपराधियों से जुड़े हैं, उनका कोई स्थान नहीं। यहां अमन व शांति स्थापित की जाएगी। बाबा बालक नाथ ने तिजारा सीट से जीत के बाद सीएम पद की दावेदारी को नकारते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उनका ध्यान केवल तिजारा की भूमि पर है, जहां विकास करना है।

बाबा मस्तनाथ मठ का पुराना राजनीतिक नाता

बाबा मस्तनाथ मठ का राजनीति से पुराना नाता रहा है। मठ के महंत श्रयोनाथ ने 3 बार किलोई हलका से विधानसभा चुनाव लड़ा। 2009 से पहले गढ़ी-सांपला किलोई हलके का नाम किलोई रहा, जबकि हसनगढ़ अलग हलका बना हुआ था। परिसीमन के बाद हसनगढ़ को खत्म करके किलोई हलका में विलय कर दिया गया। साथ ही हलका का नया नाम गढ़ी-सांपला-किलोई रख दिया। क्योंकि गढ़ी सांपला दीनबंधु सर छोटूराम का पैतृक गांव रहा है।

हरियाणा का पहला विधानसभा चुनाव जीते थे महंत श्रेयोनाथ

1966 में प्रदेश का गठन होने के बाद पहला विधानसभा चुनाव 1967 में हुआ, जिसमें किलोई हलका से बाबा मस्तनाथ मठ के महंत श्रयोनाथ व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह हुड्डा के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें महंत निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विजयी रहे। हालांकि एक साल बाद मध्यावधि चुनाव में रणबीर सिंह हुड्डा ने महंत श्रयोनाथ को हरा दिया था। 1972 में महंत श्रयोनाथ ने पिछली हार का बदला लेते हुए रणबीर सिंह हुड्डा के बेटे कैप्टन प्रताप सिंह को हरा दिया था।

2004 में महंत चांदनाथ ने जीता था चुनाव

बाबा बालकनाथ के गुरु महंत चांदनाथ ने 2004 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर राजस्थान की बहरोड़ सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें चांदनाथ ने पार्टी के बागी जसवंत सिंह यादव को 13 हजार वोट से हरा दिया था। 2017 में महंत चांदनाथ का देहांत हो गया। उनके शिष्य एवं मठ के गद्दीनशीन महंत बालकनाथ ने अलवर से लोकसभा चुनाव लड़ा और विजयी रहे।