आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लोकसभा चुनाव 2024 के पहले अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देश की कई पार्टियों का कार्यक्रम में शामिल न होना भी सुर्खियों में है। बुधवार 10 जनवरी को कांग्रेस ने ऐलान किया कि उनका कोई भी नेता प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। कांग्रेस के इस फैसले पर पार्टी के कई नेताओं ने असहमति जताई है।

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम किसी पार्टी के नहीं है। हमारी लड़ाई राम या अयोध्या से नहीं, बीजेपी से है। कुछ लोग कांग्रेस को वामपंथी रास्ते पर ले जा रहे हैं। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस नेतृत्व को अयोध्या न जाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

उधर, गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने भी रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पार्टी के शामिल नहीं होने गलत ठहराया है।

कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन समेत सभी कांग्रेस नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। ये भाजपा और RSS का प्रोग्राम है। अब तक I.N.D.I. A की 5 पार्टियां कांग्रेस, सपा, TMC, CPI(M) और शिवसेना (उद्धव गुट) प्राण प्रतिष्ठा में जाने से मना कर चुकी हैं।

आडवाणी शामिल होंगे

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में BJP के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी जानकारी दी है। इससे पहले खबरें आ रही थीं कि आडवाणी की तबीयत खराब रहती है, इसलिए वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

विश्‍व हिंदू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने 19 दिसंबर को लालकृष्‍ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्‍योता दिया था। आडवाणी और जोशी ने कहा है कि वे समारोह में आने का पूरी कोशिश करेंगे।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने 18 दिसंबर को लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से आग्रह किया था कि वे जनवरी में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या न आएं। उन्होंने कहा, ‘दोनों नेताओं की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है। यहां ठंड भी ज्यादा है। इसलिए मैंने दोनों से निवेदन किया है कि समारोह में न आएं।’ लालकृष्ण आडवाणी 96 साल के हैं और मुरली मनोहर जोशी 5 जनवरी को 90 साल के हो गए हैं।

कांग्रेस बोली- BJP/RSS ने इसे इवेंट बनाया

राम मंदिर के निमंत्रण को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया, जिसमें उद्घाटन में न जाने का कारण बताया गया है। इसमें कांग्रेस ने लिखा है कि धर्म निजी मामला है, लेकिन BJP/RSS ने मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम को अपना इवेंट बना लिया है। उधर, गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में न जाने का फैसला सही नहीं है।