आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन विधेयक के लोकसभा से पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है। चर्चा की शुरुआत कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने की। उन्होंने कहा कि आपने इसे नारी शक्ति वंदन विधेयक नाम दिया है। महिलाओं को वंदन नहीं, समानता का अधिकार चाहिए।

उन्होंने कहा कि आपकी सरकार में महिलाओं की कितनी वंदना होती है, यह हमको मालूम है। जब आपको सत्ता पाने की जरूरत होती है, तब आप महिलाओं को देवी बनाकर उसकी पूजा करने लगते हैं।

इसके बाद भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस कदम से नारी का सशक्तिकरण होगा और नारी को ताकत मिलेगी। नारी शक्ति वंदन विधेयक- यह शब्दावली ही हमारी पार्टी के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है। हमारे मन में धारणा बनी है कि हम महिलाओं के लिए काम कर अहसान कर रहे हैं। लेकिन हमेशा ही हमारी संस्कृति में महिलाओं का ऊंचा स्थान रहा है। हमने नारी को शक्ति और देवी के रूप में देखा है।

यह बिल 20 सितंबर को लोकसभा में पास हो चुका है। बिल के पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि 2 वोट इसके खिलाफ पड़े। पर्ची के जरिए हुई वोटिंग में AIMIM पार्टी के दो सांसदों असदुद्दीन ओवैसी और इम्तियाज जलील ने विरोध में वोट डाले।

पीएम ने लोकसभा में कहा- इस बिल के लिए सभी हकदार हैं

लोकसभा में सुबह 11 बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तो सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कल भारत की संसदीय यात्रा का एक स्वर्णिम पल था। उस पल के हकदार इस सदन के सभी सदस्य हैं। सभी दल के सदस्य हैं। सभी दल के नेता भी हैं। सदन हों या सदन के बाहर हों, वे भी उतने ही हकदार हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं आज इस बहुत महत्वपूर्ण निर्णय में और देश की मातृशक्ति में एक नई ऊर्जा भरने में कल का निर्णय और आज राज्यसभा के बाद जब हम अंतिम पड़ाव भी पूरा कर लेंगे। यह पवित्र कार्य को करने के लिए आप सबने जो योगदान दिया है, समर्थन दिया है, सार्थक चर्चा की है। सदन के नेता के रूप में मैं आज आप सबका सच्चे दिल से आदरपूर्वक अभिनंदन करता हूं।

लोकसभा में चंद्रयान-3 पर चर्चा हुई

पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा हुई। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से सदन को मिशन के बारे में बताया। इसके बाद राजनाथ सिंह बोलने के लिए खड़े हुए।