आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए पांच जवानों को सेना और पुलिस ने शुक्रवार (24 नवंबर) को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों के पार्थिव शरीर आर्मी जनरल हॉस्पिटल राजौरी में रखे गए थे। धर्मसाल के बाजीमल में 36 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी मारे गए। मुठभेड़ में सेना के 5 जवान भी शहीद हुए।
इस दौरान नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के रिटायर्ड सैनिक आतंकवादी गुटों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ आतंकवादी पाकिस्तानी सेना की स्पेशल फोर्सेस में रह चुके थे।
उपेन्द्र बोले- पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकवादियों को भेज रहा है, क्योंकि यहां कोई लोकल भर्ती नहीं है। हम विदेशी आतंकवादियों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
आतंकियों से मुठभेड़ में ये 5 जवान हुए हैं शहीद
आतंकियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान न्योछावर करने वाले कर्नाटक के मंगलोर के निवासी कैप्टन एम वी प्रांजल (63 राष्ट्रीय राइफल्स), उत्तर प्रदेश के आगरा के निवासी कैप्टन शुभम गुप्ता (9 पैरा), जम्मू-कश्मीर के पुंछ के निवासी हवलदार अब्दुल माजिद, उत्तराखंड के नैनीताल रहने वाले लांस नायक संजय बिष्ट और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पैराट्रूपर सचिन लौर शामिल हैं।
15 दिन बाद होनी थी अलीगढ़ के सचिन की शादी
अलीगढ़ के सचिन लौर का पार्थिव शरीर शुक्रवार को टप्पल स्थित उसके गांव लाया जाएगा। सचिन लौर सिर्फ 24 साल की उम्र में शहीद हो गए। उन्होंने 20 मार्च 2019 को आर्मी ज्वाइन की थी और पैराट्रूपर थे। सेना में जाने का उनका बचपन से ही सपना था।
शहीद सचिन की 8 दिसंबर को शादी होनी थी। परिवार इसकी तैयारियों में जुटा था। सभी लगातार उनसे छुट्टी लेकर गांव आने के लिए कह रहे थे। 8 दिसंबर को सचिन की बरात मथुरा के मांट जानी थी। अब्दुल माजिद के भाई भी शहीद हुए थे |
LoC पर अजोट गांव के रहने वाले पैरा कमांडो अब्दुल माजिद के भाई भी 2017 में शहीद हुए थे। माजिद के भाई जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री में सैनिक थे, जिन्हें पुंछ में हुई एक मुठभेड़ में शहादत मिली थी। माजिद के चाचा मोहम्मद युसुफ के मुताबिक उनके परिवार में 30 से 40 सदस्य सेना में रह चुके हैं।
वहीं, माजिद ने मुठभेड़ के दौरान पत्नी को फोन किया था और कहा था कि वह जल्दी घर आएगा, लेकिन जब पत्नी ने शाम को दोबारा फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। बाद में माजिद की शहादत की खबर सामने आई।
आगरा के शुभम गुप्ता के परिजन को मिलेगी सरकारी नौकरी
आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता शहीद हो गए थे। आज उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुंचेगा। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने कहा, शहीद के परिजनों को सरकार की तरफ से 50 लाख की सहायता राशि दी गई है।
परिवार में से किसी एक सदस्य को सरकार नौकरी देगी। इसके साथ ही शहर की एक सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखा जाएगा। पैतृक गांव में सरकरा शुभम गुप्ता के नाम पर स्मारक भी बनवाएगा। डांगरी हमले का मास्टरमाइंड था कारी मुठभेड़ में मारे गए एक आतंकी का नाम कारी है। डिफेंस PRO के मुताबिक, कारी पाकिस्तानी नागरिक था। उसे पाक और अफगान मोर्चे पर ट्रेंड किया गया था। दूसरे आतंकी की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
कारी लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर था और पिछले एक साल से अपने ग्रुप के साथ राजौरी-पुंछ में एक्टिव था। उसे डांगरी और कंडी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है।
कारी को जम्मू में आतंकवाद को दोबारा फैलाने के लिए भेजा गया था। वह IED स्पेशलिस्ट था और गुफाओं से छिपकर काम करने वाला ट्रेंड स्नाइपर भी रहा था।