आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोष में मौत की सजा पा चुके बलवंत सिंह राजोआणा के लिए आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) बैठक करने जा रही है। इस बैठक में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGPC) और दमदमी टकसाल सहित कुल 11 सिख संगठनों को न्योता दिया गया है। बैठक में राजोआणा की सजा को उम्र कैद में बदलवाने की रणनीति तैयार होगी।

दरअसल, बलवंत सिंह राजोआणा के कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को लिखे खत के बाद SGPC हरकत में आई। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को राजोआणा से मुलाकात को कहा था। मुलाकात के बाद 30 नवंबर को SGPC की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 11 संगठनों को एक साथ बैठा कर फैसला करने पर सहमति बनी थी।

5 दिसंबर की हड़ताल रुकवाना चाहती है SGPC

SGPC जेल में बंद राजोआणा की तरफ से 5 दिसंबर से घोषित भूख हड़ताल को रुकवाना चाहती है। वहीं, राजोआणा उनकी सजा को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से फैसला न लिए जाने और SGPC व अकाली दल की तरफ से ठोस कदम न उठाए जाने से खफा हैं। राजोआणा ने बीते दिनों प्रधान धामी से मुलाकात के समय भी स्पष्ट कर दिया था कि SGPC की तरफ से 2011 में राष्ट्रपति को डाली गई मरसी पिटीशन भी वापस ली जाए।

2011 से लंबित है फांसी की सजा को बदलने की पिटीशन

राजोआणा के लिए SGPC की तरफ से राष्ट्रपति को डाली गई मरसी पिटीशन 2011 से पेंडिंग है। दरअसल, राजोआणा को पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के आरोप में फांसी की सजा दी जा चुकी है, लेकिन मरसी पिटीशन के कारण न तो उन्हें फांसी दी गई है और न ही उनकी सजा को अभी तक उम्र कैद में बदला गया है।

SGPC की मरसी पिटीशन में भी राजोआणा की मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने की ही मांग की गई है। इतना ही नहीं, 550वें प्रकाश पर्व के दौरान भी पहले बंदी सिखों को रिहा करने और राजोआणा की सजा को उम्र में बदलने की नोटिफिकेशन की गई थी, लेकिन इस नोटिफिकेशन पर भी अभी तक अमल नहीं हुआ है।