आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (13 दिसंबर) को IPL टीम राजस्थान रॉयल्स के मालिकों पर लगाए जुर्माने में की गई कमी को सही बताया है। मालिकों पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन को लेकर ED ने 98.35 करोड़ रुपए का फाइन लगाया था, जिसे अपीलेट ट्रिब्यूनल ने घटाकर 15 करोड़ कर दिया था।
राजस्थान रॉयल्स की मालिक कंपनी जयपुर आईपीएल प्राइवेट लिमिटेड (JIPL) के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स पर ये फाइन लगाया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने इस मुद्दे पर सुनवाई की। उन्होंने कहा- ईडी JIPL के डायरेक्टर्स और प्रमोटर्स पर 98.35 करोड़ का जुर्माना लगाने की वाजिब दलील देने में विफल रही है।
10 साल पहले ED ने लगाया था फाइन
ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस को जांच में पता चला की IPL में आर्थिक अनियमितताएं हुई है और FEMA का उल्लंघन हुआ है। इसके तार JIPL के डायरेक्टर्स और प्रमोटर्स से जुड़े थे। इसके बाद ED ने 30 जनवरी 2013 को कंपनी के डायरेक्टर्स और प्रमोटर्स पर 98.35 करोड़ रुपए का फाइन लगाया।
ईडी के फाइन को कंपनी ने अपीलेट ट्रिब्यूनल में चुनौती दी, जिसने 11 जुलाई 2019 को जुर्माना कम 15 करोड़ रुपए कर दिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था- ईडी यह साबित नहीं कर पाया है कि डायरेक्टर्स और प्रमोटर कंपनी के दिन-प्रतिदिन के मैनेजमेंट में भूमिका निभा रहे थे, इसलिए इन पर लगे जुर्माने को कम किया जा रहा है।
अपीलेट ट्रिब्यूनल कहा था कि 98.35 करोड़ का जुर्माना तब ही लगाया जा सकता है जब वह व्यक्ति (डायरेक्टर या प्रमोटर) कंपनी के रोज के कामकाज के लिए जिम्मेदार था। साथ ही ट्रिब्यूनल ने कहा था- ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने 2008 से IPL में भाग लिया है और उस पर FEMA के उल्लंघन का कोई अन्य आरोप भी नहीं है।
वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी ट्रांजेक्शन की बात हो रही है, उसका उपयोग सही जगह हुआ है। साथ ही कंपनी के लेनदेन से किसी को पर्सनल फायदा नहीं हुआ है। कंपनी के प्रमोटरों और डायरेक्टरों को कोई अनुचित लाभ नहीं मिला है। इसलिए अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला बरकरार रहेगा।
धोनी की याचिका पर पूर्व IPS अफसर को सजा मद्रास हाईकोर्ट ने 15 दिन जेल की सजा सुनाई; IPL मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था |
मद्रास हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की याचिका पर शुक्रवार को रिटायर्ड IPS अफसर जी संपत कुमार को 15 दिनों की कैद की सजा सुनाई है। हालांकि सजा को 30 दिनों के लिए स्थगित रखा है। जिससे वह फैसले के खिलाफ अपील कर सकें।