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आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजस्थान में थोड़ी देर बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा है। राज्यपाल कलराज मिश्र नए मंत्रियों को शपथ दिला रहे हैं। अब तक 9 मंत्री शपथ ले चुके हैं। इसमें सांसद पद छोड़कर विधायक बने किरोड़ीलाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ शामिल हैं।

इन्होंने ली कैबिनेट मंत्री की शपथ : किरोड़ीलाल मीणा, गजेंद्र सिंह खींवसर, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, बाबूलाल खराड़ी, मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, जोराराम कुमावत

ये विधायक बनेंगे मंत्री : झाबर सिंह खर्रा, कैलाश मीणा, कन्हैयालाल मीणा, मंजू बाघमार, केके विश्नोई, संजीव बेनीवाल, जोगेश्वर गर्ग, जवाहर सिंह, शैलेष दिगंबर सिंह, शंकर सिंह रावत, गोपाल जोशी, विजय सिंह, श्रीकरणपुर से प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी।

किसे क्यों मंत्री बनाया :

  1. किरोड़ीलाल मीणा : विपक्ष में रहते सबसे मुखर रहे, एसटी का मुखर चेहरा

राज्यसभा सांसद रहते हुए राजस्थान में कांग्रेस राज के दौरान सबसे मुखर रहे। पेपर लीक से लेकर हर मुद्दे पर सड़क​ पर आंदोलन किए, संसद से लेकर हर मोर्चे पर घेरा। एसटी समुदाय के मुखर चेहरे के तौर पर उनकी पहचान है। बेबाकी से बोलने और मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते हैं। संघ से जुड़े रहे हैं, इमरजेंसी के दौरान जेल गए। पूर्वी राजस्थान के सियासी समीकरण साधे गए हैं। सबसे पहले शपथ दिलाकर उन्हें सबसे सीनियर मंत्री के तौर पर जगह दी गई है।

  1. गजेंद्र सिंह खींवसर : वसुंधरा राजे खेमे के गजेंद्र सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाकर एकजुटता का मैसेज

गजेंद्र सिंह खींवसर वसुंधरा राजे की दोनों सरकारों में मंत्री रहे। पिछली वसुंधरा सरकार में वे कैबिनेट मंत्री थे, उन्हें दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बनाया है। गजेंद्र खींवसर को वसुंधरा राजे का नजदीकी माना जाता है। मारवाड़ के सियासी समीकरणों को साधने के अलावा उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को भी साधा गया है। इससे एकजुटता का मैसेज दिया गया है। खींवसर की छवि पार्टी के सौम्य राजपूत चेहरे के तौर पर रही है। दो बार मंत्री रहने के कारण प्रशासनिक अनुभव है।