आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: पंजाब में मुआवजा, MSP और कर्ज माफी को लेकर किसानों के आंदोलन का आज भी जारी है। हरियाणा में भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं। 19 किसान संगठन 21 जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि जत्थेबंदियों ने शाम 4 बजे ट्रैक से उठने का फैसला किया है।

किसानों की एक बड़ी जत्थेबंदी ने पंजाब के टोल प्लाजों पर भी कब्जा कर लिया है। अमृतसर में टोल प्लाजा स्टाफ और किसानों के बीच झड़प हो गई। किसान टोला प्लाजा बंद करने पर अड़ गए। वहीं दूसरी टोल प्लाजा कर्मियों का कहना था कि एक दिन टोल बंद होने से कंपनी को तकरीबन 2 लाख रुपए का नुकसान होता है।

रोपड़ जिले के सुलखियां टोल प्लाजा पर किसान अपनी मांगों को लेकर बैठ गए हैं। हालांकि किसानों की तरफ से चंडीगढ़ रोपड़ रोड बंद नहीं किया गया है। यहां पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। किसान सड़क के एक किनारे पर बैठे हुए हैं।

इससे पहले किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि किसानों ने दशहरे पर 23-24 अक्टूबर को किसानी दशहरा मनाने की घोषणा कर दी है। इस दौरान पूरे देश में मोदी सरकार व कॉर्पोरेट घरानों के पुतले जलाए जाएंगे।

रेलवे ट्रैक जाम होने के बाद अंबाला से अमृतसर, पठानकोट से अमृतसर और पंजाब से चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना से मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का आदि सभी रूट्स पूरी तरह से ठप हैं। इससे आज 203 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

ये है किसानों की मांगें

घग्गर नदी के किनारे टिवाना गांव से लेकर नए बनने वाली अंबाला चंडीगढ़ मार्ग तक बांध को पक्का किया जाए।

बाढ़ के कारण प्रभावित हुई जमीन का मुआवजा से कम एक लाख रुपया प्रति एकड़ के हिसाब से और बाढ़ के कारण जमीन में अधिक मिट्टी बहने के कारण फसलों के खराब का मुआवजा 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाए।

किसानों ने कहा कि मुआवजा देने की जमीन 5 एकड़ तक की शर्त को हटाकर कुल खराब हुई जमीन का मुआवजा दिया जाए।

बाढ़ के कारण प्रभावित हुई ट्यूबवेल पानी की पाइप लाइन सरकार द्वारा डाली जाए।

बाढ़ के कारण प्रभावित हुई बिजली की लाइनों को ठीक करवाया जाए।

ब्लॉक डेराबस्सी के घग्गर और झरमल नदी और बरसाती नालों में आ रहे फैक्ट्री का गंदा पानी तुरंत बंद किया जाए या फिर साफ करके छोड़ जाए।

बाढ़ के कारण गांव टिवाना में घग्गर नदी पर बना पुल टूटने के कारण रास्ता बंद हो गया। घग्गर नदी का पक्का पुल बनाया जाए।

बाढ़ के कारण गिरे मकान मालिकों को मुआवजा दिया जाए।

बरसात के बाढ़ के कारण टूटी हुई इलाके की सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए।

203 से अधिक ट्रेनें प्रभावित

किसानों की तरफ से ट्रैक जाम किए जाने के बाद उत्तर भारत की 203 से अधिक ट्रेनें प्रभावित होने वाली हैं। आज किसान अम्बाला में रेलवे ट्रैक पर बैठ जाएंगे। जिसके चलते प्रभावित ट्रेनों की गिनती बढ़ सकती है। फिलहाल रेलवे विभाग ने 136 ट्रेनों को रद्द किया है। वहीं 25 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, 26 ट्रेनों को ओरिजनेटेड और 16 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।