आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब में कपूरथला के भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा को गुरुवार सुबह 6.20 बजे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जलालाबाद पुलिस उनके चंडीगढ़ सेक्टर 5 स्थित निवास स्थान पर पहुंची। गिरफ्तारी के बाद अब कांग्रेस प्रदेश प्रधान सहित अन्य नेता भी समर्थन में आ गए हैं।
पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ ड्रग तस्करी (NDPS एक्ट) का एक पुराना मामला था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अरेस्ट किया जा रहा है। जल्द उन्हें जलालाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, सुखपाल खैहरा को 2015 के एक पुराने ड्रग केस मामले में जांच चल रही थी। इसमें DIG की अगुआई बनी SIT की रिपोर्ट के आधार पर अब उनकी गिरफ्तारी हुई है। इस SIT में दो SSP भी शामिल रहे हैं। जबकि सुखपाल खैहरा का कहना है कि यह एक झूठा केस था, सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें इस केस में राहत दी है।
खैहरा ने अफसर से पूछी पहचान, अरेस्ट वारंट मांगते दिखे
घर में पुलिस के पहुंचने पर सबसे पहले विधायक खैहरा ने सीनियर अधिकारी की पहचान पूछी। इस पर जवाब मिला कि वे डीएसपी जलालाबाद ए.आर. शर्मा हैं। उनको 2015 NDPS एक्ट मामले में उनको गिरफ्तार करने आए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में खैहरा पुलिस अधिकारियों से बार-बार अरेस्ट वारंट की मांग करते भी दिखे। खैहरा का आरोप है कि पुलिस ने उनको एक घूंट पानी तक नहीं पीने दिया और उसके हाथ से गिलास छीन लिया।
जिस तरह से कार्रवाइयां हो रही हैं, ये जंगल राज है- वडिंग
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजावडिंग पकड़े गए कांग्रेसी नेता खैहरा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचे। राजावडिंग ने परिवार से बातचीत की। राजावडिंग ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की वे निंदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के साथ कांग्रेस पुलिस मिली हुई है, क्यों किली है, ये सभी जानते हैं।
कुछ समय से कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसके लिए कांग्रेस लड़ रही है। जिस तरह से कार्रवाइयां हो रही हैं, ये जंगल राज है। AAP विधायक खुद तरनतारन के SSP पर इल्जाम लगा रहे हैं। AAP विधायक ही आरोप लगा रहे हैं कि 25 लाख की घूस ली गई। उसके रिश्तेदार को पकड़ AAP विधायक का नाम लेने पर जोर डाला जा रहा है।
वकील को भी पुलिस ने पकड़ा। सभी जान गए हैं कि वकील के साथ क्या हुआ है। वकील पर कार्रवाई के बाद पंजाब पुलिस का नाम मिट्टी में मिल गया है।
सरकारें सदा नहीं रहती- प्रताप सिंह बाजवा
वहीं, कांग्रेस के विधायक व विपक्ष दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- मुख्यमंत्री भगवंत मान, सरकारें सदा नहीं रहती। आपके तानाशाह गुंडाराज की सख्त अलोचना करता हूं। मैं पंजाब कांग्रेस के सभी काडर को विश्वास दिलाता हूं कि हम पार्टी की पूरी लीडरशिप और हर वर्कर के साथ चट्टान की तरह खड़ा हूं। सुखपाल सिंह खेहरा की रिहाई के लिए हम डट कर लड़ाई लडेंगे।
क्या था 2015 का ड्रग मामला
जलालाबाद पुलिस ने वर्ष 2015 में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देसी .315-बोर पिस्तौल, दो पाकिस्तानी सिम कार्ड और एक टाटा सफारी कार बरामद हुई थी। इस मामले में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह के साथ कथित संबंधों के कारण खैहरा का नाम सामने आया था।
वहीं, खैहरा के साथ-साथ निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जोगा सिंह, निजी सहायक मनीष, बाठ गांव (जालंधर) का एक व्यक्ति, NRI यूके निवासी चरणजीत कौर और बाजवा कलां गांव (जालंधर) के मेजर सिंह बाजवा का नाम भी मामले में सामने आया था।
खैहरा बोले- CM का विरोध करता हूं, इसलिए गिरफ्तार किया
सुखपाल सिंह खैहरा ने अरेस्ट से पहले कहा- यह पंजाब में जंगल राज, बदले की भावना से काम किया जा रहा है। क्योंकि मैं सीएम भगवंत मान का विरोध करता हूं, इसलिए मेरे खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। मेरे पीछे सभी मेरे बेटे के साथ संपर्क कर सकते हैं।
खैहरा ने कहा- सभी से अपील है कि चिंता नहीं करनी। पहले भी 50 इस प्रकार के केस उन पर पड़ चुके हैं। आराम से लडूंगा, मेरे में दम है। पर ये इनकी करतूत देख लो, पुराने 2015 के झूठे केस में चंडीगढ़ से अरेस्ट कर रहे हैं। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सम्मन क्रैश किए हुए हैं, रिलीफ मिली हुई है। फिर भी उसी केस में गिरफ्तार किया जा रहा है, जिसमें से कुछ मिला भी नहीं।