आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब के DGP गौरव यादव ने 11 जिलों के SSP को शोकॉज नोटिस जारी किए हैं। इनमें बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर, लुधियाना, मोगा, मुक्तसर, संगरूर के साथ-साथ पुलिस जिले जगराओं व खन्ना के SSP शामिल हैं। ये नोटिस इन अफसरों के इलाकों में पराली जलाने के बढ़ते मामलों को लेकर जारी किए गए हैं।
DGP ने सभी SSP से यह भी बताने को कहा है कि उन्होंने पराली जलाने से जुड़े केसों में क्या कार्रवाई की? और उनके एरिया में इतने मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
इससे पहले पंजाब के चीफ सेक्रेटरी भी 9 जिलों के डीसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके हैं। चीफ सेक्रेटरी ने सभी डीसी से 3 दिन में इसका जवाब मांगा है। जवाब न देने पर कार्रवाई की बात भी नोटिस में कही गई है।
जिन जिलों के डीसी और एसएसपी को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें सरकार के पुरजोर प्रयासों के बावजूद पराली जलाने के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे।
एयर पॉल्यूशन पर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सख्ती के बाद पंजाब पुलिस ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए सभी गांवों के सरपंचों से उनके एरिया में पराली जलाए जाने की सूरत में उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए थे। इस पूरी कवायद का प्रशासन को कोई लाभ नहीं हुआ।
CM के गृहजिले में सबसे अधिक केस
पंजाब CM भगवंत मान का गृह जिला संगरूर पराली जलाने के मामले में टॉप पर है। यहां अब तक 5,462 मामले आ चुके हैं। पूरे राज्य में अब तक पराली जलाने के 33,082 मामले सामने आए हैं और कुल 475 FIR दर्ज की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पराली जलाने के मामले सख्ती से रोकने के निर्देश दिए थे मगर ऐसा हो नहीं पा रहा। ऐसे में इसकी गाज उन फील्ड अधिकारियों पर भी गिरनी तय है, जिन्होंने फील्ड में उतरकर किसानों को पराली जलाने से नहीं रोका। पराली जलाने से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 21 नवंबर को होनी है।
इस सुनवाई से पहले चीफ सेक्रेटरी ने जिलों के डीसी और DGP ने SSP से जवाब तलबी कर ली है। 21 नवंबर को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दायर की जा सकती है।