आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पुणे से दिल्ली जा रही अकासा फ्लाइट की शुक्रवार रात मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। दरअसल टेकऑफ के बाद फ्लाइट में बम की सूचना मिली थी। जिसके बाद विमान को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया। इस दौरान विमान करीब 40 मिनट तक हवा में रहा।

रात 12:42 बजे फ्लाइट छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर लैंड हुई और सभी पैसेंजर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। फ्लाइट में 6 क्रू मेंबर्स सहित 185 यात्री सवार थे।

जांच में पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

फ्लाइट के मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद 2.30 बजे CISF के एक अधिकारी ने मुंबई पुलिस कंट्रोल को इसकी सूचना दी। जिसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजेबल स्क्वाड टीम ने फ्लाइट के यात्री के सामान की तलाशी ली। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, जांच में पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

बैग में बम का दावा करने वाला पैसेंजर अस्पताल में भर्ती

जिस यात्री ने दावा किया था कि उसके बैग में बम था, उसे फ्लाइट लैंड होने के बाद सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल ले जाया गया। फ्लाइट में यात्री के साथ आए एक रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि सीने में दर्द के कारण उसने दवा ली थी। अकासा एयरलाइंस ने एक बयान में घटना की पुष्टि की।

फ्लाइट से पैसेंजर्स का सामान उतारना भूला IndiGo:; फ्लाइट बेंगलुरु रवाना हुई, फिर यू-टर्न लिया

इंडिगो एयरलाइन की सिंगापुर से बेंगलुरु जाने वाली एक फ्लाइट ने 17 अक्टूबर को बीच रास्ते से यू-टर्न ले लिया। उड़ान भरने के बाद एयरलाइन को पता चला कि उनके कर्मचारी फ्लाइट के पिछले पैसेंजर्स का सामान उतारना भूल गए। फ्लाइट सुबह बेंगलुरु के लिए रवाना हुई थी। इसके कुछ देर बाद विमान को वापस सिंगापुर लौटना पड़ा। इस दौरान फ्लाइट करीब डेढ़ घंटे तक हवा में रही। सिंगापुर एयरपोर्ट पर लोग अपने लगेज का वेट कर रहे थे। वहीं बेंगलुरु जाने वाले पैसेंजर्स को घंटों इंतजार करना पड़ा।

पुणे-नागपुर फ्लाइट में महिला के साथ बदसलूकी:बगल में बैठे आरोपी ने अश्लील इशारे किए

एक प्राइवेट एयरलाइन की पुणे-नागपुर फ्लाइट में एक महिला ने को-पैसेंजर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि फ्लाइट के उड़ान भरने के तुरंत बाद उसे झपकी लग गई थी। तभी खिड़की वाली सीट पर बैठा यात्री मास्टरबेट और गंदे इशारे करने लगा। जब सभी पैसेंजर फ्लाइट से उतर रहे थे, तो आरोपी भी भागने की कोशिश करने लगा। जिसका उन्होंने पीछा किया। CISF के सिपाही को बुलाकर आरोपी को रोका और उसे पुलिस के हवाले कर दिया