आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट ने भगवान राम के उपासक और सगुण भक्ति संत स्वामी जगतगुरु रामानंदाचार्य की पीठ को ही भुला दिया। अयोध्या के राम मंदिर के संचालन के प्रथम दावेदार रामानंद संप्रदाय की मूलपीठ श्रीमठ पंचगंगा को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण नहीं मिला। रामानंदाचार्य पीठाधीश्वर जगतगुरु रामनरेशाचार्य आमंत्रण नहीं मिलने से आहत हैं।

उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बिना निमंत्रण शामिल होने से इनकार कर दिया है। हालांकि वे राजस्थान में संप्रदाय के नव निर्मित राम मंदिर के समारोह में शामिल होकर उत्सव मनाएंगे।

वहीं पिछले दिनों एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, राम का मंदिर…रामानंद परंपरा…बस। मंदिर रामानंद संप्रदाय का है…रामानंद…संन्यासियों का नहीं है…शैव और शाक्त का नहीं है…रामानंद।

मूलपीठ की उपेक्षा से नहीं पड़ेगा फर्क

श्रीमठ के पीठाधीश्वर रामनरेशाचार्य ने दैनिक भास्कर से राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में उपेक्षा का दर्द साझा किया। उन्होंने कहा, पंचगंगा घाट पर स्थित श्रीमठ ही रामानंदाचार्य संप्रदाय का मुख्य पीठ है। यहीं मूल गद्दी है जिसे अयोध्या के आयोजकों ने भूला दिया। बनारस में तमाम लोगों को कार्ड मिले लेकिन मठ को आमंत्रण नहीं आया। अब हमें आमंत्रण का इंतजार भी नहीं है और हम जाएंगे भी नहीं।

रामनरेशाचार्य ने कहा, “रामानंदाचार्य पीठ और उनके मठ को आमंत्रण नहीं मिलने से कोई फर्क नहीं पड़ता। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय या मंदिर प्रशासन या सरकारी किसी संस्था के जानबूझकर हमें नहीं बुलाने से मठ या आचार्य के कद पर कोई अंतर नहीं है।

रामलला के विराजमान होने की वर्षों की प्रतीक्षा पूरी हुई है। इसकी हमें खुशी है। हम खुद राम मंदिर की कमेटी के प्रमुख रहे, कोई हमें रामलला के स्थल से दूर नहीं कर सकता। बिना आमंत्रण तो नहीं जाऊंगा क्योंकि फिर वहां भी उचित सम्मान नहीं मिलेगा।

हम रामजी के हैं, हम जीते हैं राम जी के लिए और हर सांस उनकी ही है। मुझे नहीं लगता है कि इस वातावरण में जहां पर लोगों को मूल पीठ ध्यान में नहीं आ रहा वहां उम्मीद लगाना बेकार है। हालांकि हमें थोड़ा कष्ट है लेकिन राम आ रहे हैं यही सुख है। राम के नाम पर बांटना उचित नहीं है। राम सभी के हैं और उनके साथ सभी को देना चाहिए।”

रामानंद संप्रदाय अयोध्या में जल्द करेगा बड़ा आयोजन

रामानंद संप्रदाय के पीठाधीश्वर और जगतगुरू रामनरेशाचार्य ने कहा, “राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामानंद संप्रदाय के लोग भव्यता के साथ दर्शन पूजन करेंगे। आयोजन में हमें उपेक्षित करने का भी हम विरोध नहीं करेंगे। जल्द ही हम अपने आराध्य श्रीराम का श्रृंगार करवाएंगे और मंदिर में बड़ा आयोजन करेंगे। उनके बाल रूप को प्रणाम करेंगे, एक बार नहीं असंख्य बार वंदन करेंगे।

हमने राम मंदिर आंदोलन की लड़ाई से लेकर अब तक हर जगह प्रतिभाग किया। रामानंद संप्रदाय के निर्मोही अखाड़ा ने राम मंदिर के लिए लड़ाई लड़ी। कमेटी बनी तब भी संप्रदाय को एक पद ही मिला। हमारा नाम लिया जा रहा है लेकिन हमें कोई अधिकार नहीं दिए जा रहे।