आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (15 जनवरी) को पीएम जनमन योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उत्तराखंड की बोक्सा, छत्तीसगढ़ की कमार-कोरवा, मध्य प्रदेश की बैगा-भील और राजस्थान की सहारिया जनजाति के लोग संवाद से जुड़े।

इस दौरान अतिपिछड़े जनजातीय समूह (PVTG) के एक लाख लाभार्थी परिवारों को पक्के घरों के लिए 540 करोड़ रुपए फंड की पहली किस्त भी जारी की गई। यानी सरकार ने एक-एक घर के लिए ढाई लाख रुपए ट्रांसफर किए।

संवाद के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि कोई भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। क्योंकि देश तभी विकसित हो सकता है जब सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे।

विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों के विकास और उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर PM जनमन योजना शुरू की थी। इसका मुख्य लक्ष्य विशेष रूप से कमजोर जनजातियों का संपूर्ण विकास करना है।

पीएम के वर्चुअल संवाद की बड़ी बातें…

सरकार की योजनाएं सबसे पिछड़े आदिवासी भाई-बहनों तक पहुंचे, यही पीएम जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। सरकार की हर योजना उन तक पहुंचे, इसके लिए सरकार पूरी ताकत लगा रही है।

मेरी सरकार के 10 साल गरीबों को समर्पित रहे हैं, क्योंकि देश तभी विकसित हो सकता है जब सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे।

आपको अपना घर बनाने के लिए किसी को भी एक भी रुपया नहीं देना। अगर कोई आपसे पैसा मांगे तो बिलकुल मत देना। ये आपका पैसा है।

PM मोदी शिवपुरी की ललिता से बोले- आप सुपर फास्ट बोलती हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जनमन अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों की महिलाओं से बात की। शिवपुरी के हातोद गांव की ललिता सहरिया आदिवासी महिला से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने को लेकर सवाल किया। ललिता ने कहा- बेटी को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिला है। बच्चों को ड्रेस मिली। मेरे शीतला माता स्व-सहायता समूह को भी लाभ मिला है।इस पर पीएम ने कहा, आप सुपर फास्ट बोलती जा रही हैं। इतना तो हम भी नहीं बोल सकते।

वहीं PM छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिला से पूछा, कोई नई रेसिपी सीखी या नहीं। तब महिला ने बताया कि उज्ज्वला योजना से मिली गैस के चलते उसे धुस्का, भजिया बनाने में आसानी होने लगी है। पढ़ें पूरी खबर…

योजना के तहत 9 केन्द्रीय मंत्रालय 11 सुविधाओं पर करेंगे काम

जनमन योजना के तहत केंद्र सरकार के 9 मंत्रालय 11 सुविधाओं को सुनिश्चित करने का काम करेंगे। इनमें पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल-समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए पोषण, बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण, घरों में बिजली पहुंचाना, सोलर पावर, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्धन के लिए स्किल डेवलपमेंट शामिल हैं।