आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बिहार विधानसभा का घेराव करने निकलीं आंगनबाड़ी सेविकाओं को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया है। इसमें कई लोगों को चोटें आई हैं। सेविकाओं के साथ पहुंचे उनके परिवार के लोगों पर भी पुलिस ने बल प्रयोग किया है। घायलों को पुलिस ने अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया है।
बिहार में अपनी मांगों को लेकर करीब 5 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की 10 हजार सेविकाएं 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मानदेय की जगह वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी सेविकाएं विधानसभा का घेराव करने निकली थीं।
सेविकाओं का कहना है कि तेजस्वी यादव ने कहा था कि हमारी सरकार बनेगी तो मानदेय डबल कर देंगे। हमने कोरोना काल में मौत को सामने देखकर काम किया गया है। अभी 5,900 रुपए मिल रहे हैं। इससे परिवार नहीं चलेगा। तेजस्वी यादव ने धोखा दिया है। प्रदर्शन करने पर लाठीचार्ज किया गया है। यह पूरी तरह से गलत है।
अभी बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं को 5 हजार 950 सैलरी दी जाती है। वो 25 हजार रुपए की मांग कर रही हैं। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिका की सैलरी 2,700 है। वो 18 हजार की मांग कर रही हैं।
आपको बता दें कि आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन है। सत्र के चलते विधानसभा और उसके आसपास धरना-प्रदर्शन पर रोक है।
अब आर-पार की लड़ाई होगी
आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि- हम अपने लंबित मांगों के समर्थन में सरकार से इस बार आरपार की लड़ाई लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। जहां भी हमारी मांगों को पूरा करने के लिए धरना-प्रदर्शन की जरूरत होगी किया जाएगा। हमलोग अब किसी के झूठे वादे और बहकावे में नहीं आने वाले हैं, जबतक हम लोग की बात नहीं मानी जाएगी, हमलोग इस तरह का प्रदर्शन करते रहेंगे।
सत्र के कारण धरना – प्रदर्शन पर रोक है
आपको बता दें कि,बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 6 से 10 नवंबर तक चलेगा। सोमवार से शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई है। इस दौरान तीन लेयर सुरक्षा व विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए 70 मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी के अलावा पुलिस बल के 800 जवान प्रतिनियुक्ति की गई है। बगैर प्रवेश पास के विधानमंडल परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन पर भी मनाही है।