आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब CM तीर्थयात्रा स्कीम को लेकर CM भगवंत मान की अगुआई वाली AAP सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दे दिया है। सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट ने कहा कि इस स्कीम के लिए 40 करोड़ रुपए का बजट रखा है। फिलहाल एक ही ट्रेन बुक की गई है। सरकार बैलेंस कर इस स्कीम को चला रही है।

पंजाब यात्रा वाला पहला राज्य नहीं बल्कि मध्य प्रदेश(MP) और उत्तर प्रदेश (UP) में भी सरकार ऐसी यात्राएं करा रही है। सरकार के जवाब के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टाल दी है।

पिटीशनकर्ता ने कहा था- यात्रा स्कीम फिजूलखर्ची

होशियारपुर के सोशल वर्कर परविंदर कितना ने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार इस यात्रा पर करदाताओं का पैसा खर्च कर रही है। इससे राज्य का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने इसे फिजूलखर्ची करार दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

गुरुपर्व पर की थी शुरुआत

पंजाब सरकार ने 27 नवंबर को गुरुपर्व पर इस स्कीम को शुरू किया था। सबसे पहले एक ट्रेन अमृतसर से हजूर साहिब भेजी गई थी। इसमें 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मुफ्त में धार्मिक स्थानों की यात्रा कराई जा रही है। ट्रेन के जरिए श्री हजूर साहिब, श्री पटना साहिब, वाराणसी, मथुरा, अजमेर शरीफ़ और अन्य स्थानों के दर्शन कराए जाएंगे।

बस से लोग अमृतसर, श्री आनन्दपुर साहिब और श्री दमदमा साहिब, श्री वैष्णो देवी, माता चिंतपुर्नी जी, माता नैना देवी जी, माता ज्वाला जी, सालासर धाम, खाटू श्याम जी और अन्य स्थानों के दर्शन कर सकेंगे। CM भगवंत मान ने यात्रा की शुरूआात करते हुए कहा था कि हर 8वें दिन ट्रेन में 13 हजार श्रद्धालू जाएंगे। वहीं रोजाना 10 बसों में 43 श्रद्धालू जा सकेंगे।