आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: बठिंडा लैंड अलॉटमेंट केस में फंसे पंजाब के पूर्व वित्तमंत्री भाजपा नेता मनप्रीत बादल के विदेश भागने का शक है। इसे देखते हुए उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है, ताकि वह देश न छोड़ सकें। वहीं मनप्रीत बादल ने अपनी जमानत याचिका भी वापस ले ली है। मनप्रीत ने बठिंडा सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी।
उनके वकील सुखविंदर सिंह भिंडर ने कहा कि जब याचिका लगाई गई थी तो जांच चल रही थी। हमने यह दलील दी थी कि बिना केस के पंजाब के CM भगवंत मान स्टेज से कह रहे हैं कि मनप्रीत बादल को अंदर करेंगे। इसी को लेकर हम कोर्ट गए थे कि राजनीतिक बदलाखोरी से दबाव डाला जा रहा है। इस मामले में कोर्ट ने विजिलेंस को नोटिस किया था। इसके बाद रविवार रात केस दर्ज कर लिया गया। चूंकि अब इस मामले में केस दर्ज हो गया है तो फिर नए फैक्ट के साथ याचिका दायर करेंगे।
जमानत याचिका वापस लेने के बाद बिना राहत के अब मनप्रीत बादल पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। मनप्रीत की तलाश में विजिलेंस ब्यूरो ने कल उनके मुक्तसर के गांव बादल स्थित घर पर भी रेड की। हालांकि मनप्रीत बादल वहां नहीं मिले।
मनप्रीत बादल पर बठिंडा में विजिलेंस ब्यूरो ने लैंड अलॉटमेंट के केस में फ्रॉड का केस दर्ज किया है। मनप्रीत के अलावा इस मामले में 5 और आरोपियों को नामजद किया था। मनप्रीत बादल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए चार दिन पहले कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी।
3 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके
मनप्रीत बादल से जुड़े फ्रॉड के केस में विजिलेंस ब्यूरो 3 आरोपियों राजीव कुमार निवासी न्यू शक्ति नगर बठिंडा, अमनदीप सिंह निवासी लाल सिंह बस्ती बठिंडा और विकास अरोड़ा निवासी टैगोर नगर बठिंडा को गिरफ्तार कर चुकी है। इन्हें सोमवार को अदालत में पेश कर 28 सितंबर तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूर्व वित्त मंत्री पर दर्ज मामला
पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल पर रविवार को बठिंडा के विजिलेंस ब्यूरो थाने में फ्रॉड का केस दर्ज हुआ। विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक मनप्रीत बादल ने वित्त मंत्री रहते 2018 से बठिंडा के माडल टाउन में 2 प्लाट हड़पने की साजिश रची। उन्होंने पुडा के अफसरों-कर्मचारियों से मिलीभगत कर इन प्लाटों की फर्जी बोली कराई। बोली के दौरान उनके नक्शे अपलोड नहीं किए, ताकि कोई लोकेशन न जान सके। वहीं रेजिडेंशियल प्लॉट को कॉमर्शियल दिखाया। जिस वजह से किसी ने इनको नहीं खरीदा।
इसके बाद दोबारा बोली कराई गई। जिसमें मनप्रीत के करीबी विकास अरोड़ा और राजीव कुमार ने यह प्लाट खरीदे। सस्ते भाव में प्लाट खरीदने के बाद इन दोनों ने यह प्लाट आगे मनप्रीत बादल को बेच दिए। 2 प्लाट को सस्ते रेट पर बेचे जाने की वजह से सरकार को 68 लाख का नुकसान हुआ। विजिलेंस का दावा है कि पूरी प्लानिंग के तहत यह प्लाट मनप्रीत बादल के लिए अलॉट करवाने को पूरी साजिश रची गई |