सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मानसा। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद तनाव बना हुआ है। घटना के छह दिन बाद भी परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिवार और प्रदर्शनकारी मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग पर अड़े हैं। इस बीच, सरकार ने मामले से जुड़ी मांगों और परिवार की शिकायतों पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई है। हालांकि, अंतिम संस्कार को लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है।
सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा परिवार परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। घटना के दौरान वह कथित तौर पर एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सवाल उठा रहे थे। गोलीबारी में झोटा की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए। परिवार का कहना है कि जब तक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने और अन्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरकार ने बनाई कमेटी मामले को लेकर राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच बातचीत जारी है। सरकार की ओर से गठित कमेटी का उद्देश्य मांगों पर विचार करना और गतिरोध दूर करने का रास्ता तलाशना है। हालांकि, सीबीआई जांच को लेकर परिवार और संघर्ष कमेटी की मांग पूरी होने के संबंध में अभी अंतिम सहमति सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही मामले की निष्पक्ष जांच कराने और किसी भी साजिश का खुलासा होने पर कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं। केंद्र सरकार ने भी पंजाब सरकार से घटना पर रिपोर्ट मांगी है।
मानसा में प्रदर्शन जारी झोटा की हत्या के बाद पंजाब में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। प्रदर्शनकारी नशा तस्करी पर रोक लगाने, कथित मिलीभगत की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। इस मामले ने राज्य में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल, अंतिम संस्कार को लेकर जारी गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार और परिवार के बीच सहमति बनना महत्वपूर्ण है। मामले की जांच और सीबीआई की मांग पर आगे होने वाले फैसलों पर सबकी निगाहें हैं।
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