सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंच कल्याणक पाषाण से भगवान बनने की प्रक्रिया है। ये परम् सत्य है, जिसका जन्म होता है उसका मरण भी निश्चित हैं। यह आशीषवचन मंगलवार को मुनिश्री सुप्रभ सागर महाराज ने नेहरू नगर में चल रहे पंच कल्याणक महोत्सव के दौरान कहीं। उन्होंने आगे कहा कि जन्म से कोई भी महान नहीं होता कर्म से ही महान होता है। संसार में कुछ ही विशेष पुण्य आत्मा होती हैं। जो जन्म-मरण के लिए जन्म नहीं लेते, बल्कि स्वयं के साथ दूसरों के जन्म-मरण का नाश करने के लिए जन्म लेते हैं। जिन्हें तीर्थंकर प्रभु और परमात्मा के नाम से जगत पूजता है।

मंगलवार को महोत्सव में बालक आदिकुमार का जन्म हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य कर बधाईयां दीं। साथ ही खुशी के मौके पर इन्द्र-इन्द्राणी सहित प्रमुख पात्र भजनों पर झूमकर नाचे। इस मौके पर मुनिश्री सुप्रभ सागर महाराज, मुनिश्री आराध्य सागर महाराज, मुनिश्री प्रणत सागर महाराज, मुनिश्री सुहित सागर महाराज के सानिध्य में जन्म कल्याणक की विशेष पूजा अर्चना की गई। पंच कल्याणक के मंच से सौधर्म इन्द्र, इन्द्राणी द्वारा बालक आदिकुमार का लाड-दुलार और 1008 नेत्रों से सौधर्म इन्द्र द्वारा भगवान आदिनाथ को बालक अवस्था में निहारना और बधाईयां आदि क्रियाओं का मंचन हुआ। विशेष रूप से झुल्लक सुविभूति, झुल्लक स्वतंत्रमति और झुल्लक सुआदर्शमल माताजी विशेष रूप से मौजूद थीं।

पंच कल्याण महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजेश भारिल्ल ने बताया कि गाजे-बाजे के साथ भव्य जन्माभिषेक शोभायात्रा आयोजन स्थल से निकली। जिसमें सफेद ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र, इन्द्राणी बालक आदिकुमार को लिये थे। दिव्यघोष टीकमगढ़ के कार्यकर्ता जय अरहंत देव की, जय जिनेन्द्र देव की, जयकारों के साथ वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन कर रहे थे। महिलाऐं मंगल गीत गा रही थी और दिव्यघोष के माध्यम से प्रभु की आराधना कर रही थीं। शोभायात्रा का समापन नेहरू नगर जैन मंदिर में हुआ। यहां पाण्डुशिला पर विराजमान कर बालक आदिकुमार का जन्माभिषेक किया गया।

मुनिश्री ने कहा कि मात्र भारत की भूमि को ही मां की संज्ञा दी गई है। वह पूज्य कभी नहीं बन सकता जिसने दूसरों के गुणों की आराधना नहीं की।

महोत्सव के मुख्य संयोजक राकेश जैन अनुपम ने बताया कि 26 जनवरी को अनुष्ठान का समापन भव्य गजरथ यात्रा के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, समिति के अध्यक्ष राजेश भारिल्ल, पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज बांगा, संयोजक राकेश जैन अनुपम, ट्रस्ट मंत्री मनोज आर.एम, राजीव जैन ठेकेदार, कार्याध्यक्ष डॉ. बी.सी. जैन, नेमीचन्द जैन, अनिल नयापुरा, महामंत्री पं. प्रमेन्द्र सिंघई, प्रभात चक्रवर्ती, सुकुमाल जैन सारोड़ा, शैलेन्द्र जैन छोटू, उपाध्यक्ष डॉ. पी.के. जैन, नरेन्द्र जैन, वीरेन्द्र बम्होरी, विनोद जैन, कोषाध्यक्ष डॉ. राकेश जैन, इंजी. विमल जैन, दिनेश जैन, प्रचार मंत्री राजकुमार अनुपम, गौरव जैन टॉपर्स, शरद जैन, कमल अजमेरा, महेन्द्र जैन, शैलेन्द्र चौधरी, मनीष जैन, विजय जैन नूना, शैलेन्द्र बबलू, जितेन्द्र अंकित, धर्मेन्द्र दीप, संजय राहुल सहित अनेक लोग मौजूद थे।