आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शिवसेना पार्टी के सिंबल और नाम को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है। पार्टी के दो धड़े हैं, एक धड़ा शिवसेना (यूबीटी) है, जबकि दूसरे शिंदे गुट है।

इलेक्शन कमीशन ने 17 फरवरी 2023 को एकनाथ शिंदे को शिवसेना का नाम और चिन्ह इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी। उद्धव गुट ने आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

इस बीच उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा- शिवसेना का निर्माण बालासाहेब ठाकरे ने किया था और अब उद्धव ठाकरे उसका नेतृत्व कर रहे हैं।

राउत ने आगे कहा- अगर आप पाकिस्तान जाकर शिवसेना के बारे में पूछेंगे तो वह भी कहेंगे शिवसेना बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे की है। लेकिन हमारे इलेक्शन कमीशन को नहीं पता यह शिवसेना किसकी है।

राउत बोले- इलेक्शन कमीशन के ऊपर लोगों का विश्वास नहीं रहा

राउत ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा- जनता तय करेगी पार्टी किसकी है इलेक्शन कमीशन ने अपना अधिकार खो दिया है। इलेक्शन कमीशन के ऊपर लोगों का विश्वास नहीं रहा। वह केंद्र सरकार की तोता हो गई है, जो पिंजड़े में बंद है।

इसी के साथ संजय राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पार्टी में हुए विवाद का भी जिक्र किया। राउत बोले- NCP का निर्माण पवार साहब ने किया है। जिसने पार्टी बनाई वह सामने बैठे हैं मगर एफिडेविट के ऊपर पार्टी बन जाती है। ये लोग बोगस एफिडेविट लेकर आते हैं।

दरअसल महाराष्ट्र के मौजूदा डिप्टी CM अजित पवार के बगावत करने के बाद NCP पार्टी को लेकर शरद पवार और अजित पवार के बीच विवाद है। इस मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है।

अब पढ़िए सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना और NCP दोनों मामलों पर अब तक क्या हुआ…

30 अक्टूबर को SC में सुनवाई, 31 जनवरी 2024 तक फैसला करने का आदेश

शिवसेना और NCP दोनों मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 30 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने विधानसभा सत्र और छुटि्टयों के बीच स्पीकर राहुल नार्वेकर को विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2024 के पहले हफ्ते में होगी।

CJI ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर की अपील पर नाराजगी जताई कि उन्हें अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने के लिए 29 फरवरी 2024 तक का समय चाहिए। CJI बोले- हम चाहते हैं कि वे शिवसेना पर 31 दिसंबर तक और NCP पर 31 जनवरी 2024 तक फैसला कर लें।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सुनील प्रभु और NCP (शरद पवार गुट) के जयंत पाटिल की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें शिंदे-अजित पवार गुटों के विधायकों की अयोग्यता पर स्पीकर के जल्द फैसला करने की मांग की गई है।

पिछली सुनवाई में कहा था- स्पीकर के पास फैसला लेने का आखिरी मौका

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर को विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को अंतिम मौका देने की बात कही थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि विरोधी धड़े (उद्धव ठाकरे) की तरफ से जो याचिकाएं दायर की गई हैं, उस पर फैसला लेने के लिए स्पीकर वास्तविक समयसीमा निर्धारित करें। अयोग्यता की याचिकाओं को जल्द निर्णय लिए जाने की जरूरत है।