सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान में 8 फरवरी को जनरल और असेंबली इलेक्शन होने हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भले ही जेल में हों, लेकिन उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का दावा अब भी मजबूत माना जा रहा है।
इलेक्शन के इस दौर में सियासत ने घरों में भी जानलेवा मतभेद पैदा कर दिए हैं। इसी तरह के विवाद में एक पिता ने कतर से लौटे अपने बेटे की हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि बेटा घर की छत पर PTI का झंडा लगाना चाहता था और उसके अब्बू को यह मंजूर नहीं था। वे दूसरी पार्टी के समर्थक हैं।
पहले बहस फिर हत्या
घटना रविवार की बताई जा रही है। पुलिस ने पिता और पुत्र के नाम नहीं बताए, लेकिन घटना की पुष्टि की। पुलिस अफसर नासिर फरीद के मुताबिक- घटना में मारा गया बेटा कुछ दिन पहले ही कतर से लौटा था। वह वहां नौकरी करता था। वह इलेक्शन में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की कैम्पेनिंग में जुटा था और अपने घर की छत पर भी PTI का झंडा लगाना चाहता था।
दूसरी तरफ, उसके पिता अवामी नेशनल पार्टी (ANP) के पुराने समर्थक हैं। यह पार्टी अफगानिस्तान की सीमा से लगने वाले इलाके में अच्छा होल्ड रखती है। 1986 में बनी इस पार्टी के प्रेसिडेंट असफंदयार वली खान हैं। आमतौर पर इस दल के समर्थक बॉर्डर एरिया में रहने वाले पश्तून या पठान हैं। इसके फाउंडर अब्दुल वली खान थे। इसका चुनाव चिह्न लालटेन है।
बहरहाल, रविवार को जब बेटे ने घर पर PTI का झंडा लगाया तो पिता भड़क गए। पहले बाप बेटे में बहस हुई फिर पिता नीचे गए और पिस्टल लेकर आ गए। उन्होंने बेटे को फिर समझाया, नहीं माना तो गोली मार दी। 31 साल के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक- घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
इलेक्शन टलने के कयास अब भी जारी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने पिछले हफ्ते कहा था कि देश में 8 फरवरी को होने वाले इलेक्शन टलने का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा- हमें मालूम है कि सीनेट के कुछ मेंबर्स इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन यह फैसला खतरनाक हो सकता है।
हालांकि, कुछ दिन पहले इलेक्शन कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट बता चुका है कि वह चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और अब तक ऐसी कोई दिक्कत सामने नहीं आई है, जिसकी वजह से चुनाव टाले जाएं।
‘जियो न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में शाहबाज शरीफ ने कहा- अगर अब जबकि इलेक्शन में चंद दिन ही बचे हैं, इसे टाला जाता है तो मुल्क के लिए बहुत मुश्किल और खतरनाक फैसला होगा। हम इसका सड़कों पर भी विरोध करेंगे।
16 महीने सरकार चला चुके शाहबाज ने कहा- मैं नहीं जानता कि सीनेट के कुछ मेंबर्स इलेक्शन क्यों नहीं चाहते। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि अगर इलेक्शन हुए तो पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PML-N) फुल मेजॉरिटी हासिल करेगी और सरकार बनाएगी। नवाज शरीफ फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान में सियासी स्थिरता आए और मुल्क दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।
एक सवाल के जवाब में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा- कुछ लोग कह रहे हैं कि ईरान और पाकिस्तान के बीच बड़ी जंग छिड़ सकती है और मुल्क की इकोनॉमी भी अच्छी नहीं है। मेरा उनसे सवाल है कि क्या ये हालात हमारे तीन बॉर्डर्स पर आज पैदा हुए हैं? ये लंबे वक्त से हैं और चुनाव टालने के लिए ये बहाना दुनिया में हमारी पोजिशन खराब ही करेगा।