आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकड़ ने भारत को चेतावनी दी है। पाकिस्तानी मीडिया द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, काकड़ ने कहा- अगर लोकसभा चुनाव से पहले भारत ने 2019 में हुई बालाकोट स्ट्राइक जैसा हमला किया तो पाकिस्तान इसका वैसे ही जवाब देगा जैसा 2019 में दिया था।
पाकिस्तानी मीडिया चैनल के एक पॉडकास्ट के दौरान काकड़ ने कहा- हम उनके विमानों पर हमला करेंगे। हमारी गोलियां या हमारा संकल्प, कुछ भी पुराना नहीं हुआ है। हमारे पास गोलियां भी नई हैं और हमारा दृढ़ संकल्प भी काफी नया और ताजा है। पाकिस्तान ने बीते कुछ सालों में अपनी सैन्य ताकत को काफी बढ़ाया है।
केयरटेकर PM बोले- पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए रक्षा तंत्र तैयार
पाकिस्तानी PM ने आगे कहा- किसी को भी पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को लेकर भ्रम में नहीं रहना चाहिए। देश की सुरक्षा के लिए हमारा डिफेंस मैकेनिज्म तैयार है। पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं निकल जाता तब तक दोनों देशों के बीच विवाद जारी रहेगा और यह कभी भी बढ़ सकता है।
पाकिस्तान में फरवरी में होने वाले चुनावों पर बात करते हुए काकड़ बोले- खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में आतंकी हमले का खतरा है, लेकिन हालात अभी भी इस लेवल तक नहीं पहुंचे हैं कि चुनाव पर सवाल उठें। हम पाकिस्तान में चुनाव की तारीख बदलने के खिलाफ हैं। चुनाव तारीखों से जुड़े किसी भी नए फैसले का हक सिर्फ पाकिस्तान के चुनाव आयोग को है।
बलूचिस्तान के मुद्दे पर काकड़ ने कहा- यहां BLA, BRA और BLF जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिन्हें पाकिस्तान के बाहर भी आतंकवादी माना जाता है। तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के मुद्दे पर पाक PM ने कहा कि अफगानिस्तान सरकार से बातचीत जारी है। उनके बर्ताव में सकारात्मक बदलाव हुए हैं।
पुलवामा हमले के बाद भारत ने की थी बालाकोट एयरस्ट्राइक
जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को CRPF के 78 वाहनों के काफिले पर आतंकी हमला किया था। विस्फोट में 40 जवान शहीद हो गए थे। ये आतंकी हमला आम चुनावों से ठीक पहले हुआ था।
इसके 2 हफ्ते बाद ही 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने रात के अंधेरे में LoC पार कर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
हमले के बाद भारत के तत्कालीन विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि इस स्ट्राइक में बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी, उनको प्रशिक्षण देने वाले, संगठन के बड़े कमांडर और फिदायीन हमलों के लिए तैयार हो रहे जिहादियों को खत्म कर दिया गया है।