सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूपी में ओवैसी का नया दांव, मुफ्ती ओसामा नदवी को सौंपी अहम जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपना संगठन मजबूत करने की दिशा में नई पहल की है। पार्टी ने अधिवक्ता और मुफ्ती मोहम्मद ओसामा नदवी को उत्तर प्रदेश के विधिक प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को उलेमाओं, मदरसों और धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों के बीच पार्टी का संपर्क बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। कौन हैं मुफ्ती ओसामा नदवी? मुजफ्फरनगर के खतौली से संबंध रखने वाले मुफ्ती ओसामा नदवी पेशे से वकील हैं। उन्होंने लखनऊ के इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा से शिक्षा प्राप्त की है। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में वकालत करते हैं और उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक तथा कानूनी हलकों में उनकी पहचान बताई जाती है।
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मुताबिक, नदवी को विधिक प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी संगठन को मजबूत करने और कानूनी गतिविधियों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दी गई है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और संपर्क संगठन के विस्तार में उपयोगी साबित होंगे। उलेमाओं और मदरसों से संपर्क बढ़ाने की रणनीति आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, AIMIM की योजना उत्तर प्रदेश के उलेमाओं, मदरसों, खानकाहों और धार्मिक संस्थानों से जुड़े जिम्मेदार लोगों के साथ संवाद बढ़ाने की है। नदवी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और धार्मिक संस्थानों में संपर्क को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके पारिवारिक और संस्थागत संबंध पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ मदरसों से भी जुड़े हैं। पार्टी इस नेटवर्क के माध्यम से अपनी विचारधारा और राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, इस रणनीति का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
2027 के चुनाव पर नजर, सपा को चुनौती देने की कोशिश ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनकी रैलियों और बयानों में समाजवादी पार्टी तथा उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव की आलोचना प्रमुखता से सामने आई है। AIMIM मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अपने स्वतंत्र नेतृत्व की जरूरत का मुद्दा उठाती रही है। सितंबर 2026 में ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख सामने रखा था। पार्टी ने संगठन के विस्तार के साथ अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना भी खुली रखी है। कानूनी अनुभव से संगठन को मजबूती देने की उम्मीद मुफ्ती ओसामा नदवी की नियुक्ति से AIMIM को कानूनी मामलों में समन्वय बढ़ाने और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पार्टी की रणनीति केवल चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि धार्मिक संस्थानों, स्थानीय नेटवर्क और कानूनी क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने पर भी केंद्रित है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नदवी को मिली जिम्मेदारी से पार्टी का संगठनात्मक विस्तार कितना होता है और 2027 के विधानसभा चुनाव में AIMIM अपनी राजनीतिक उपस्थिति को किस हद तक मजबूत कर पाती है।
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