सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : साहिल के परिवार ने मुस्कान को अपनाया? हाईकोर्ट में दोनों की पैरवी करेगा एक वकील

मेरठ। उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी ‘नीले ड्रम केस’ में नया मोड़ सामने आया है। हत्या के मामले में मौत की सजा पाए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। खास बात यह है कि दोनों की ओर से एक ही वकील पैरवी करेगा। वहीं, साहिल के परिवार के मुस्कान से जेल में मिलने आने की खबरों के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या परिवार ने मुस्कान को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, परिवार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। साहिल के परिवार ने की वकील की व्यवस्था मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, साहिल के परिवार ने दोनों की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला को नियुक्त किया है। मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों ने 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील में दोनों ने दोषसिद्धि और मौत की सजा को चुनौती दी है।

मुस्कान ने सरकारी वकील लेने से किया इनकार रिपोर्ट के अनुसार, मुस्कान ने पहले जेल प्रशासन से वकील उपलब्ध कराने की मांग की थी। निचली अदालत में उसकी ओर से सरकारी वकील रेखा जैन ने पैरवी की थी। अब उसने कथित तौर पर साहिल की ओर से नियुक्त वकील के जरिए ही हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम ने दोनों के कानूनी बचाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। क्या साहिल के परिवार ने मुस्कान को अपनाया? रिपोर्टों में दावा किया गया है कि साहिल के परिवार के सदस्य जेल में उससे और मुस्कान से मिलने आ रहे हैं। इसके आधार पर मुस्कान को परिवार द्वारा स्वीकार किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, केवल जेल में मुलाकात और एक ही वकील नियुक्त किए जाने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि परिवार ने मुस्कान को बहू के रूप में स्वीकार कर लिया है। इस बारे में परिवार की ओर से स्पष्ट बयान सामने आना बाकी है।

सौरभ राजपूत हत्याकांड में मिली थी फांसी की सजा मेरठ की जिला अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या और सबूत मिटाने के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया था। 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, मार्च 2025 में सौरभ की हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में सीमेंट के साथ छिपाया गया था। अब हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। मौत की सजा की पुष्टि और दोषसिद्धि पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।


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