सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : दिल्ली में 2026 के दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में National Students’ Union of India (NSUI) चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी पद जीतने में नाकाम रही। नतीजों के बाद संगठन के उम्मीदवार चयन पर चर्चा तेज हुई है, खासकर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar से जुड़े टिकट फैसले को लेकर।
रिपोर्टों के अनुसार, Deepanshu Shokeen को NSUI टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया। संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए Vijay Shankar Meena, उपाध्यक्ष पद के लिए Veer Chhatrath, सचिव पद के लिए Namrata Chaudhary और संयुक्त सचिव पद के लिए Gopal Chaudhary को मैदान में उतारा।
इसके बाद Shokeen ने उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। बाकी तीन केंद्रीय पद Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) समर्थित उम्मीदवारों के खाते में गए।
इस परिणाम के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या NSUI की उम्मीदवार चयन रणनीति ने उसके प्रदर्शन को प्रभावित किया। हालांकि, संगठन की पूरी हार को केवल एक फैसले से जोड़ने के लिए चुनाव नतीजों से अलग ठोस साक्ष्य की जरूरत होगी।
चुनाव से पहले Jakhar ने सार्वजनिक रूप से NSUI पैनल का बचाव किया था। उन्होंने इसे मजबूत टीम बताया था और प्रतिनिधित्व तथा छात्र-हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी थी। NSUI ने अपने घोषणापत्र में किफायती आवास, मेट्रो रियायत, 24 घंटे लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति, परीक्षा सुधार और छात्र कल्याण जैसे मुद्दे शामिल किए थे।
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