दिल्ली के उपराज्यपाल विनै कुमार सक्सेना ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के तहत ऋण आवेदनों की प्रक्रिया और वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब इस प्रमुख केंद्रीय सरकारी पहल के तहत वित्तीय सहायता पाने के लिए दिल्ली में रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से 4.3 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
पीएम स्वनिधि योजना शुरू करने का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सस्ती कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। इस कार्यक्रम ने छोटे विक्रेताओं, फेरीवालों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को बिना गारंटी ऋण, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और बेहतर ऋण सुविधा के अवसर देकर महत्वपूर्ण सहारा प्रदान किया है।
एक समीक्षा बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक देरी के वित्तीय सहायता मिले, इसके लिए समयबद्ध ऋण मंजूरी जरूरी है। उन्होंने बैंकों से प्रक्रियाएं सरल बनाने, क्रियान्वयन एजेंसियों के साथ समन्वय बेहतर करने और लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने को कहा। अधिकारियों को योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने और आवेदकों के लिए पहुंच को और सुगम बनाने के निर्देश भी दिए गए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में मिले आवेदन इस योजना की रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे उद्यमियों के बीच बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं। ऋण के तेज वितरण से आजीविका को मजबूती मिलने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का मानना है कि पीएम स्वनिधि का प्रभावी क्रियान्वयन दिल्ली भर में हजारों विक्रेताओं को सशक्त करेगा, जिससे वे अपना कारोबार बनाए रख सकेंगे, आय बढ़ा सकेंगे और शहर की आर्थिक वृद्धि एवं विकास में सक्रिय भागीदार बन सकेंगे।
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