सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: रूस ने एक्टिविस्ट ओलेग ओर्लोव को ढाई साल की सजा सुनाई है। उन पर रूसी सेना के अपमान और रूस-यूक्रेन जंग की आलोचना करने के आरोप थे। उनका कहना था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जंग के जरिए रूस को फांसीवाद की ओर ले जा रहे हैं।

ओलेग ओर्लोव मेमोरियल संगठन के चेयरमैन हैं। इस संगठन को 2022 में नोबेल पीस प्राइज मिला था। मेमोरियल ने यह प्राइज यूक्रेन के ऑर्गेनाइजेशन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज के साथ शेयर किया था। कोर्ट के फैसले के बाद ओलेग के हाथों में हथकड़ियां लगाई गईं और उन्हें जेल ले जाया गया।

ओलेग ने एक आर्टिकल लिखा था। इस लेख का टाइटल था- ‘वो फासीवाद चाहते हैं। ये उन्हें मिल रहा है।’ सजा सुनाए जाने के बाद ओलेग ने कहा- कोर्ट के फैसले से पता चलता कि मेरा लेख सटीक और सच्चा था।

2021 में संगठन पर बैन लगा था

1989 में स्थापित मेमोरियल ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव किया है। संगठन के पास सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन के समय से लेकर अब तक हुए मानवाधिकारों के हनन से जुड़े सभी मामलों की जानकारी है। 2021 में रूसी सरकार ने संगठन को ‘विदेशी एजेंट’ कहते हुए इस पर बैन लगा दिया था।

अमेरिका ने निंदा की

सुनवाई के दौरान ओलेग के समर्थक और 18 पश्चिमी डिप्लोमैट्स कोर्ट रूम में मौजूद रहे। सभी ने फैसले की निंदा की। अमेरिकी सरकार ने भी एक्टिविस्ट को सजा सुनाए जाने का विरोध किया है।

ओलेग पर यूक्रेन जंग की शुरुआत के तुरंत बाद पारित कानूनों के तहत आरोप लगाया गया था। इस कानून में रूसी सेना को बदनाम करने या उनके बारे में गलत जानकारी फैलाने के दोषी पाए जाने वालों के लिए जेल की सजा निर्धारित की गई है।

जंग का विरोध, रूसी सेना या पुतिन का अपमान करने पर सजा से जुड़े मामले…

  1. यूक्रेन को 4 हजार रुपए दान करने वाली डांसर गिरफ्तार

यह पहली बार नहीं है जब रूस में जंग का विरोध करने पर किसी को सजा सुनाई गई हो। इसके पहले 21 फरवरी को रूसी पुलिस ने एक अमेरिकी-रूसी महिला को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी किया था। रूस का आरोप है कि 33 साल की केन्सिया करेलिना ने करीब 4 हजार रुपए (51 डॉलर) यूक्रेन को दान में दिए। ये दान रूस के खिलाफ जंग लड़ने के लिए किया गया।

गिरफ्तारी के बाद केन्सिया को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उसके आंखों पर पट्टी और हाथों में हथकड़ियां थीं। रूसी की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस का कहना था कि 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग के बीच केन्सिया लगातार यूक्रेनी सेना के लिए फंड जुटा रही है। इस फंड का इस्तेमाल यूक्रेन सैनिकों के इलाज और गोला-बारूद खरीदने में करते हैं।