आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देते हुए मानव तस्करों ने हजारों रोहिंग्या मुसलमानों को न सिर्फ सीमा पार कराया बल्कि, मोटी रकम लेकर उन्हें देश के दस अलग-अलग राज्यों में बसा भी दिया।

तस्कर बांग्लादेश के उन रोहिंग्याओं पर ही फोकस करते हैं, जिनके पास पैसा है। इस संबंध में इंटरपोल ने भी देश में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों को बसाने के लिए मानव तस्करों की सक्रियता से जुड़े इनपुट सुरक्षा एजेंसियों से शेयर किया था।

जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश, असम, तमिलनाडु, कर्नाटक और राजस्थान के मानव तस्कर संगठित अपराध गिरोह की तर्ज पर काम कर रहे हैं। इसका खुलासा होने पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मंत्रालय ने NIA को इसकी जांच सौंपी।

एनआईए ने हाल ही में एकसाथ 10 राज्यों में छापेमारी कर मानव तस्करी गिरोह के 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के आधार पर पता चला कि तस्करों ने यह काम केवल दो साल में अंजाम दिया है।

तस्करों को मोटी रकम देकर फरवरी 2021 के बाद ज्यादा रोहिंग्या पहुंचे

यूनाइटिड नेशंस हाई कमीशन फॉर रिफ्यूजी (UNHCR) की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2021 तक भारत में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में बने शेल्टर होम में करीब 20 हजार रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दो साल में बांग्लादेश से रोहिंग्या और अन्य समुदाय के लोगों को मोटी रकम लेकर तस्करों ने भारत में अवैध तरीके से प्रवेश कराया।

भारतीय पहचान दिलाकर संपत्ति खरीदने में भी मदद की

तस्करों ने कई रोहिंग्याओं को फर्जी आधार, पैन और वोटर कार्ड भी बनवाकर दिए। ऐसे हजारों लोग जो मर चुके हैं या गुमशुदा हैं, उनकी पहचान चुराकर आधार अपडेट के नाम पर रोहिंग्याओं का डेटा फीड कराया, जिससे उन्हें भारतीय पहचान मिल सके। NIA ने 200 से अधिक आधार और पैन कार्ड जब्त किए हैं।

इनके आधार पर भारत में प्रापर्टी खरीदने में मदद की गई। NIA तस्करों से पूछताछ कर ऐसे अप्रवासियों की जानकारी हासिल कर रही हैं, जिससे उन्हें पकड़कर वापस उनके देश भेजा जा सके। NIA ने इस मामले में भारत में सक्रिय 44 मानव तस्करों के खिलाफ गुवाहाटी, चेन्नई, बेंगलुरु और जयपुर में चार अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।

किन शहरों में बसाया

कर्नाटक: बेंगलुरु, मंगलौर, गुलबर्गा, बीदर, धरवाड़, रायचूर, चामरापेट, कलबुर्गी

प.बंगाल: दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया

हरियाणा: नूंह, मेवात राजस्थान: जयपुर, जोधपुर, अलवर

तेलंगाना: हैदराबाद तमिलनाडु: चेन्नई पुडुचेरी जम्मू-कश्मीर असम त्रिपुरा

पश्चिमी यूपी-दिल्ली भी बड़ा गढ़

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बड़ी संख्या में रोहिंग्या अवैध तरीके से रह रहे हैं। यूपी एटीएस ने इसी साल जुलाई में मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और सहारनपुर जिले में एकसाथ छापे मारकर 74 रोहिंग्याओं को अरेस्ट किया था।