आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : न्यूजक्लिक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायेक्टरेट (ED) ने गुरुवार को अमेरिकन करोबारी नेविल रॉय सिंघम को समन जारी किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंघम चीन के शंघाई में रह रहा है। इसलिए ED ने विदेश मंत्रालय की मदद से चीनी अधिकारियों को समन भेजा ताकि वे उसे सिंघम तक पहुंचा सकें।
ED ने ईमेल भेजकर क्यूबा-श्रीलंकाई मूल के सिंघम को भारत स्थित ऑफिस आकर अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
दरअसल, न्यूजक्लिक पर चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने के बदले पैसे लेने का आरोप है। न्यूजक्लिक को मुख्य तौर पर सिंघम की ओर से पैसे मिलने का आरोप है।
दिल्ली कोर्ट ने चीनी अदालत के नाम फॉर्मल रिक्वेस्ट जारी की थी
पिछले साल भी ED ने सिंघम को समन जारी किया था, लेकिन चीनी अधिकारियों ने तब इस समन को स्वीकार करने से मना कर दिया था। न्यूजक्लिक मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली कोर्ट की ओर से चीनी अदालत के नाम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट जारी की गई। इसके बाद ED ने सिंघम के खिलाफ ये कार्रवाई की।
ED सहित 5 एजेंसियां कर रहीं मामले की जांच
न्यूजक्लिक के खिलाफ ED सहित पांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। सबसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज की थी। उससे पहले दिल्ली पुलिस इकोनॉमिक ऑफेंस विंग और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस केस से जुड़े अलग-अलग मामलों में जांच कर रही थी। इसके बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
न्यूजक्लिक का पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़ें…
5 अगस्त 2023: न्यूयॉर्क टाइम्स में एक रिपोर्ट छपी। इसमें बताया गया कि ब्रिटेन और अमेरिका में कुछ ग्रुप चीन के प्रोपेगैंडा को प्रमोट करने में जुटे हैं। इन संगठनों की जांच की गई तो सामने आया कि अमेरिकन मिलियनेयर नेविल रॉय सिंघम इसकी फंडिंग कर रहे हैं। टाइम्स के मुताबिक नेविल रॉय उन संस्थाओं के साथ जुड़े हैं, जो दुनिया में चीन की उपलब्धियों का बखान करती हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि सिंघम के साथ मैसाचुसेट्स में एक थिंक टैंक, मैनहटन की संस्था, दक्षिण अफ्रीका में एक राजनीतिक दल, भारत और ब्राजील में न्यूज ऑर्गेनाइजेशन सहित कई ग्रुप जुड़े हैं। इनके पास अरबों डॉलर के साधन हैं। सिंघम शिकागो में सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी कंपनी थॉटवर्क्स चलाते हैं। इससे एक भारतीय न्यूज वेबसाइट भी जुड़ी है। 69 साल के सिंघम शंघाई में बैठते हैं। वहां उनका नेटवर्क यूट्यब पर एक शो चलाता है। इसके लिए शंघाई का प्रोपेगैंडा विभाग भी कुछ पैसा देता है।
7 अगस्त 2023: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में न्यूयॉर्क टाइम्स रिपोर्ट का हवाला देकर न्यूजक्लिक को मिलने वाली चीनी फंडिंग का मुद्दा उठाया था। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कांग्रेस, चीन और विवादित न्यूज वेबसाइट न्यूजक्लिक एक ही गर्भनाल से जुड़े हैं। राहुल गांधी की ‘नकली मोहब्बत की दुकान’ में पड़ोसी सामान साफ देखा जा सकता है। चीन के प्रति उनका प्रेम नजर आ रहा है। वे भारत विरोधी अभियान चला रहे हैं।
17 अगस्त 2023: न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक के खिलाफ केस दर्ज किया। इनके खिलाफ IPC की धारा 153 (ए) (धर्म, जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के साथ-साथ यूएपीए की कई धाराएं (13, 16, 17, 18 और 22) भी लगाई गई हैं। धारा 16- आतंकी मामलों से जुड़ी, धारा 17- आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाना, धारा 18- षड्यंत्र की सजा, धारा 22 सी- कंपनियों द्वारा किए गए अपराध की सजा है।
22 अगस्त 2023: दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजक्लिक के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को नोटिस दिया था। यह नोटिस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) की याचिका पर दिया गया था। पुलिस ने याचिका में कोर्ट के अंतरिम आदेश को वापस लेने की अपील की थी, जिसमें न्यूज साइट के खिलाफ सख्त एक्शन लेने पर रोक लगाई गई थी।
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने 7 जुलाई 2021 को प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार न करने का आदेश दिया था। हालांकि कोर्ट ने कहा था कि पुरकायस्थ को अधिकारियों के निर्देशों के मुताबिक जांच में सहयोग करना होगा। दिल्ली पुलिस की याचिका के बाद कोर्ट ने पुरकायस्थ से इस मामले में जवाब तलब किया था।