आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने न्यूजक्लिक न्यूज पोर्टल के एडिटर प्रबीर पुरकायस्थ, एक्टिविस्ट गौतम नवलखा और शंघाई में रहने वाले बिजनेसमैन नेविल रॉय सिंघम के खिलाफ UAPA और IPC की धारा 120B और 153 A के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, कानून विशेषज्ञों का कहना है कि स्पेशल सेल ने जल्दबाजी में जांच पूरी किए बिना FIR फाइल की, इसलिए बड़ी बातें छूट गईं।

इस बीच, शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट की एडिशनल सेशन जज हरदीप कौर ने आदेश दे दिया है कि प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को उनके खिलाफ की गई FIR की कॉपी दी जाए। दोनों ने FIR कॉपी न मिलने पर कोर्ट में याचिका लगाई थी।

यह FIR 17 अगस्त 2023 को फाइल की गई थी, जबकि आरोपियों से पूछताछ और गिरफ्तारी अक्टूबर में हुई।

पढ़िए स्पेशल सेल की FIR में क्या-क्या है

मामले में फाइल की गई FIR के अनुसार स्पेशल सेल को खुफिया जानकारी मिली थी कि देश में अशान्ति और देश की अक्षुण्णता पर प्रहार करने के लिए भारत और पड़ोसी देशों से कंट्रोल हो रहे संस्थानों ने लोगों को करोड़ों रुपए पहुंचाए हैं।

अप्रैल 2018 से न्यूजक्लिक नाम की कंपनी को पिछले 5 साल में अमेरिका की वर्ल्ड वाइड मीडिया होल्डिंग्स ने करोड़ों रुपए दिए हैं। पुलिस एक अनुसार प्रबीर पुरकायस्थ के अलावा, अमित सेनगुप्ता, डोरस्वामी रघुनन्दन, बाप्पादित्य सिन्हा, गौतम नवलखा, गीत हरिहारण, अमित चक्रवर्ती और वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स pkk के शेयर होल्डर्स ने नाम शामिल हैं।

चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोपेगेंडा डिपार्टमेंट के एक्टिव वर्कर सिंघम ने अवैध ढंग से विदेशी धन भारत में लगाया। इसके लिए उसने कई विदेशी कम्पनियों का एक जाल बनाया ताकि उनका उपयोग करके वो पैसे भारत में गैरकानूनी तरीके से निवेश कर सके। इस काम के लिए अमेरिका में दो कम्पनियां ट्राइकॉन्टिनेंटल लिमिटेड और जीस्पान बनाई गईं।

FIR में गौतम नवलखा भी मुख्य आरोपी

FIR में गौतम नवलखा को लंबे समय से भारत विरोधी और गैरकानूनी कामों में शामिल होने का आरोप है। यह भी कहा गया है कि वो नक्सली संगठनों को सपोर्ट करता है। इतना ही नहीं उसका नाम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े गुलाम नबी फाई से भी जुड़ा है।

पुलिस की थ्योरी क्या कहती है

पुलिस की थ्योरी के मुताबिक नवलखा और पुरकायस्थ 1991 से एक दूसरे को जानते हैं, और उन्होंने उन दिनों सागरिक प्रोसेस के नाम से एक कंपनी खोली थी। आरोप यह भी है कि विदेश से आया गैरकानूनी पैसा पुरकायस्थ ले अलावा उनके दोस्तों जोसेफ राज, अनूप चक्रवर्ती और बाप्पादित्य सिन्हा ने इस्तेमाल किया।

इतना ही नहीं यह पैसा तीस्ता सीतलवाड़, जावेद आनंद, तमारा , जिब्रान, उर्मिलेश, अरात्रिका हलधर, परंजॉय गुहा ठाकुरता, ट्रीना शंकर, अभिसार शर्मा को भी दिया ताकि उनको भी इस षड्यंत्र में शामिल किया जा सके।

FIR में लिखा है सिंघम ने अपनी एक और कंपनी स्टार स्ट्रीम के जरिए इन सभी लोगों से कहा कि कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा न दिखाएं, ताकि ग्लोबल लेवल पर उन्हें विवादित क्षेत्र की तरह देखा जाए। इसके लिए उन पर देश की अखंडता के साथ छेडछाड़ करने का आरोप लगा है।

किसान आंदोलन में भी एक्टिव रही गैंग

स्पेशल सेल ने लिखा- आरोपियों ने भारत की सप्लाइ चेन को भी रोकने की कोशिश की और किसान आंदोलन के समय लोगों को भड़काया। उन्हें आगजनी और तोड़फोड़ करने के लिए उकसाया। इसका मकसद भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और देश में अशान्ति फैलाना था। कोरोना महामारी के दौरान भारत सरकार और कोविड के लिए देश में बन रही दवाओं का दुष्प्रचार भी किया।

पुरकायस्थ के बारे में FIR में लिखा है कि उन्होंने पीपुल्स अलायंस डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म के साथ मिलकर देश के खिलाफ साजिश रची। इसके लिए चीन से करोड़ों रुपए भारत में पेड न्यूज को फैलाने के लिए इन्वेस्ट किए गए। इस पेड न्यूज में भारत सरकार की बुराई और चीन की तारीफ की गई। इस काम के लिए पीपुल डिस्पैच पोर्टल वेबसाइट बनाई गई।

चीनी मोबाइल कंपनियों की भी हिस्सेदारी

FIR में चाइनीज मोबाइल कंपनियों शाओमी और वीवो के भी इस षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। इस काम के लिए इन दोनों कंपनियों ने हजारों शेल कंपनियां खोलीं। इन आरोपियों ने दिल्ली के वकीलों के साथ मिलकर लीगल कम्युनिटी नेटवर्क संस्था शुरू की जिसका काम इन चाइनीज कंपनियों की मदद करना था।