सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: तस्वीर नीदरलैंड में PM की रेस में सबसे आगे चल रहे इस्लाम विरोधी नेता गीर्ट वाइल्डर्स की है। (फाइल)

नीदरलैंड की कोर्ट ने दो पाकिस्तानी नागरिकों पर आरोप तय किए हैं। दोनों ने इस्लाम विरोधी नेता गीर्ट वाइल्डर्स की हत्या की मांग की थी। गीर्ट PM की रेस में सबसे आगे हैं।

न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, दोनों पाकिस्तानियों में से एक 55 साल का मौलवी है और दूसरा 29 साल का पॉलिटिकल लीडर है। गीर्ट ने अपने X अकाउंट पर यह खबर शेयर की। लिखा- मेरे खिलाफ फतवा जारी करने वालों पर आरोप तय हो गए हैं। उम्मीद है उन्हें जल्द सजा होगी।

नीदरलैंड ने दोनों आरोपियों के प्रत्यर्पण की मांग की

अदालत ने कहा कि प्रोसिक्यूटर ने पाकिस्तान से दोनों संदिग्धों को नीदरलैंड प्रत्यापित करने के लिए कहा है, जिससे उन पर केस चलाया जा सके। दोनों पाकिस्तानियों पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से लोगों से वाइल्डर्स को मारने की मांग की थी। कहा था कि ऐसा करने वालों को जन्नत में इनाम मिलेगा।

नीदरलैंड-पाकिस्तान के बीच कानूनी मदद को लेकर संधि नहीं

डच प्रोसिक्यूशन सर्विस ने पाकिस्तानी अधिकारियों को आपराधिक मामलों में कानूनी मदद करने के लिए एक अनुरोध भेजा है। इसमें अदालत में पेश होने के लिए समन भेजे जाने की सर्विस शुरू करने की अपील की है। डच अधिकारियों ने संदिग्धों से पूछताछ करने की इजाजत मांगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपराधिक मामलों में कानूनी मदद को लेकर नीदरलैंड और पाकिस्तान के बीच कोई संधि नहीं है।

हिजाब-कुरान को बैन करने का सुझाव दिया था

पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर हिजाब को गैरकानूनी घोषित करने के साथ-साथ मस्जिदों और कुरान पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था। हालांकि हाल ही में उन्होंने कहा था- प्रधानमंत्री बनने के बाद कुरान, मस्जिदों पर बैन नहीं लगाऊंगा।

गीर्ट ने कहा था- मैंने अपने मेनिफेस्टो में कुरान, इस्लाम से जुड़े स्कूल, मस्जिदों को बैन करने की बात कही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमने अपनी सरकार को उदारवादी बनाने के लिए यह फैसला लिया है। हालांकि हम अब भी सार्वजनिक जगहों पर इस्लामी स्कार्फ (हिजाब) पहने जाने के खिलाफ हैं।

गीर्ट वाइल्डर्स उन चंद लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने साल 2022 में पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए नूपुर शर्मा के बयान पर उनका बचाव किया था। गीर्ट ने कहा था कि नूपुर को पैगंबर मोहम्मद के बारे में सच बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगनी चाहिए।