आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सियासी मोर्चे पर बड़ी राहत मिल गई है। कैबिनेट ने 2024 के बजट में 55 अरब शेकल्स (इजराइली करंसी) के एक्स्ट्रा बजट को मंजूरी दे दी है। यह करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है।
7 अक्टूबर को शुरू हुई जंग के बाद दो बार नेतन्याहू इस बजट के लिए कोशिश कर चुके थे। दूसरी तरफ, तुर्किये में एक इजराइली फुटबॉलर को गिरफ्तार करने के बाद इजराइल वापस भेज दिया गया है। इस फुटबॉलर ने हमास की कैद में मौजूद बंधकों की रिहाई की मांग वाला बेंडेज कलाई पर बांधा था।
दो तरह से होगा बजट का इस्तेमाल
‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ की रिपोर्ट के मुताबिक- कैबिनेट मीटिंग करीब दो घंटे चली। इसमें कई मुद्दों पर विचार हुआ।तीन महीने से चल रही जंग और इसके बजट को लेकर कई सवाल उठे। हालांकि, बाद में 15 अरब डॉलर का इमरजेंसी बजट फौरन जारी करने पर सहमति बन गई।
बजट का ज्यादातर हिस्सा मिलिट्री इक्विपमेंट्स पर खर्च होगा। इसके अलावा दूसरा हिस्सा जंग से प्रभावित लोगों के इलाज और मुआवजे पर खर्च किया जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह मीटिंग रविवार रात से सोमवार सुबह तक चली और बाद में नेतन्याहू और डिफेंस मिनिस्टर स्मोट्रिच अलग से मीटिंग के लिए जुटे।
बाद में स्मोट्रिच ने कहा- हमने हेल्थ बजट बढ़ाने का फैसला किया है। करीब एक अरब डॉलर मेंटल हेल्थ और हॉस्पिटल फैसेलिटीज पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा एजुकेशन बजट भी बढ़ाया जा रहा है। एक मामला इंटरनल सिक्योरिटी का है। 7 अक्टूबर के बाद इसे हाईटेक किए जाने की जरूरत है। फिलहाल, हमारा फोकस जंग पर है और इसे जीतना भी जरूरी है। लिहाजा, हमने सबसे ज्यादा इसी सेक्टर पर फोकस किया है।
इजराइली फुटबॉलर गिरफ्तार
तुर्किये में एक इजराइली फुटबॉलर की गिरफ्तारी और उसे वापस इजराइल भेजने को लेकर इजराइल और तुर्किये आमने-सामने हो गए हैं। इस प्लेयर का नाम सेजिव जेहेकेल है। 28 साल के सेजिव ने रविवार को टर्किश लीग में एक गोल करने के बाद कैमरे की तरफ अपना रिस्ट बैंड दिखाया था। इस पर होस्टेज क्राइसिस से जुड़ा स्लोगन लिखा था।
लोकल मीडिया के मुताबिक- रिस्ट बैंड पर 100 दिन कैद में…. लिखा था। हमास की कैद में अब भी 132 इजराइली बंधक हैं और आतंकी संगठन ने अब तक इनकी रिहाई पर कुछ नहीं कहा है। हमास की मांग है कि इजराइल कम से कम 1 महीने का सीजफायर करे, इसके बाद ही बंधकों की रिहाई पर बातचीत हो सकती है।
दूसर तरफ, इजराइल की फॉरेन मिनिस्ट्री ने तुर्किये के इस कदम को तानाशाही और नाजीवाद की घटना बताते हुए कहा कि इस मामले पर नजर रखी जाएगी, ताकि सही वक्त पर जवाब दिया जा सके।